सहारनपुर। दिल्ली में बहुमंजिला भवन गिरने से हुई जनहानि की घटना को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने मंडल के सभी जनपदों में जर्जर, खतरनाक और लंबे समय से बंद पड़े भवनों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए असुरक्षित भवनों की समय रहते पहचान बेहद जरूरी है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में घनी आबादी के बीच स्थित ऐसे भवनों का सर्वे कराया जाए, जो जर्जर हालत में हैं या लंबे समय से बंद और अनुपयोगी पड़े हैं।
हाल में हुई बारिश के कारण कई पुराने भवनों की संरचनात्मक स्थिति और कमजोर होने की आशंका है। ऐसे भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। चिह्नित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यदि कोई भवन असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित भवन स्वामी या अध्यासियों को नियमानुसार नोटिस जारी किया जाएगा।
मंडलायुक्त ने बताया कि भवन की स्थिति के अनुसार आवश्यक सुरक्षात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। तकनीकी परीक्षण में असुरक्षित या खतरनाक पाए जाने वाले भवनों में आवासीय अथवा व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं होने दी जाएंगी। जरूरत के अनुसार नोटिस, सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संवाद