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Saharanpur News: ट्रायल का एक साल बीता, देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर नहीं चली पैसेंजर ट्रेन

Tue, 17 Feb 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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देवबंद जंक्शन पर रुड़की रेलमार्ग पर बनाया गया अलग ट्रैक। संवाद
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देवबंद। सरसावा स्थित एयरपोर्ट के उद्घाटन को करीब डेढ़ साल बीत चुका है, लेकिन हवाई सेवाओं का संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ। कुछ ऐसा ही हाल ही देवबंद-रुड़की रेलमार्ग का। फरवरी 2025 में कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी (नार्दर्न रेलवे) दिनेश चंद देशवाल ने ट्रैक का निरीक्षण कर ट्रायल करने के बाद हरी झंडी दी थी। लोगों को उम्मीद थी कि नए साल में ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन दौड़ने लगेंगी, लेकिन स्थिति जस की तस है।
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोडऩे वाला देवबंद-रुड़की न्यू रेलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारियों की माने तो इस ट्रैक को तैयार करने में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत है, लेकिन 10 महीने गुजरने के बाद भी इस पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल इस मार्ग पर मालगाड़ियों के अलावा एकमात्र एक्सप्रेस ट्रेन नंदा देवी (ट्रेन संख्या 12401-12402) दिसंबर 2025 से दौड़ना शुरू हुई है। यह ट्रेन देहरादून से राजस्थान के कोटा तक जाती है, लेकिन उसका स्टाॅपेज भी देवबंद में नहीं है, जिसका स्थानीय लोगों को कोई फायदा नहीं है।

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29 किमी लंबाई वाला देवबंद-रुड़की रेलमार्ग मुरादाबाद डिवीजन के अंतर्गत आता है। देवबंद से रुड़की तक नए रेलमार्ग पर उत्तराखंड के 11 और यूपी के 14 गांव पड़ते हैं। इनमें बन्हेड़ा खास, जाटौल, मझौल जबरदस्तपुर, नियामतपुर, माजरी, असदपुर करंजाली, दिवालहेड़ी, नूरपुर, देवबंद हदूद आदि यूपी के सहारनपुर जिले के शामिल हैं। देवबंद के बन्हेड़ा खास और उत्तराखंड के झबरेड़ा गांव में दो स्टेशन बनाए गए हैं।
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- दिवालहेड़ी गांव निवासी शिवराज सिंह रोड का कहना है कि देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रेलवे विभाग को जल्द शुरू कर देना चाहिए। इससे जहां क्षेत्र के लोगों का समय व धन की बचत होगी वहीं, रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
- शिक्षक नगर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का कहना है कि जब रेलवे के उच्चाधिकारी रेलमार्ग का ट्रायल का ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे चुके हैं तो फिर इतनी देरी क्यों की जा रही है। जनहित में पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू कर देना चाहिए।
- श्री पंचायती ठाकुरद्वारा मंदिर सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद प्रकाश गुप्ता का कहना है कि हरिद्वार, रुड़की व देहरादून आदि स्टेशनों पर जाने के लिए लोगों को वाया टपरी होकर जाना पड़ रहा है। इससे समय व धन अधिक खर्च हो रहा है।
- बन्हेड़ा खास निवासी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मेरठ प्रांत संयोजक राव मुशर्रफ अली का कहना है कि ट्रेनों के मुकाबले बसों में यात्री किराया अधिक है। जनहित के मद्देनजर इस रेलमार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों के संचालन जल्द शुरू होना चाहिए।


देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर सिर्फ नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है, लेकिन देवबंद स्टेशन पर इसका स्टापेज नहीं है। पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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- अनिल कुमार, स्टेशन अधीक्षक देवबंद
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