सहारनपुर। जिले में बुजुर्गों को ऑनलाइन आवेदन करने के 45 दिन अंदर पेंशन दिए जाने की योजना को तहसीलों में पलीता लग रहा है। लेखपाल समय से रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में बुजुर्ग विभागों के चक्कर काटकर परेशान हो रहे। बड़ी संख्या में बुजुर्गों की पेंशन कई-कई माह से रुकी है।
दरअसल, जिले की सदर, रामपुर मनिहारान, नकुड़, बेहट, देवबंद तहसील में करीब पांच हजार फार्म अटक हैं। ऐसे में बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग का चक्कर काटकर परेशान होते हैं। लेखपाल समय से रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। इससे सरकार की योजना प्रभावित हो रही है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने प्रावधान किया था कि ऑनलाइन आदेवन करते ही समाज कल्याण विभाग और तहसीलों से पात्रों के फार्म पर 45 दिन के अंदर रिपोर्ट लगाएं और ताकि समय से खाते में पेंशन पहुंचे।
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केस-1-
जनवरी से रुकी है पेंशन
गंगोह निवासी बुजुर्ग सोमती पत्नी महेंद्र का कहना है कि पेंशन जनवरी से रुकी है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। न ही संबंंधित विभागों के कर्मचारी बताते हैं कि फार्म में कोई खामी है क्या।
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केस-2-
मोहल्ला छत्ता निवासी नत्थो देवी पत्नी को भी बुजुर्ग पेंशन नहीं मिल रही है। इनकी पेंशन भी कई माह पूर्व रोक दी गई। बैंक और विभाग से भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
केस-3-
बेहट अड्डा निवासी सोमपाल सिंह को फार्म भरे हुए 18 माह बीत गए हैं, लेकिन उनके खातें में भी पेंशन नहीं आई है। वह सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
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लापरवाही बरतने वालाें पर कराएंगे कार्रवाई
बुजुर्गों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सरकार के निर्देशों का पालन न करने वाले कर्मचारियों के बारे में शासन को अवगत कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- केएल अरोड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक
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विभाग का पूरा प्रयास रहता है कि समय से पेंशन मिले। तहसीलों से समय से रिपोर्ट न लगने पर दिक्कत आती है।
अर्चना, समाज कल्याण अधिकारी