सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में पहले चरण के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। जल्द ही लखनऊ की तकनीकी टीम विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी। ऐसे में कई खामियां उजागर होने की आशंका है।
विश्वविद्यालय के निर्माण में सबसे बड़ी खामी इसका स्तर (लेवल) ठीक नहीं होना है। कार्यदाई संस्था ने भवनों का निर्माण करते हुए और स्तर निर्धारित करते हुए उसकी तुलना जनता रोड से नहीं की। नतीजा विश्वविद्यालय का स्तर मुख्य मार्ग यानी जनता रोड से नीचा है। इसकी वजह से बरसात में पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। पिछले वर्ष विश्वविद्यालय परिसर में कई जगह चार फीट तक पानी भर गया था।
कुलपति आवास तक जलमग्न था। कुलपति को ट्रैक्टर पर बिठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को साथ लेकर विश्वविद्यालय का भ्रमण किया था। उन्होंने परिसर के पानी की निकासी के लिए ढमोला नदी तक करीब 400 मीटर का पाइप बिछाने का निर्णय लिया था, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। संवाद