बेहट। संसारपुर-खिड़का भटकव्वा पेयजल परियोजना पांच दिन से बंद पड़ी है, जिससे इस परियोजना से जुड़े तीन गांवों की करीब 25 हजार की आबादी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है।
वर्ष 2009 में गांव संसारपुर में पेयजल परियोजना स्थापित की गई थी। इस परियोजना से संसारपुर के अलावा खिड़का भटकव्वा व खिड़का जुनारदार गांवों में पेयजल की आपूर्ति कराई जाती है। जल निगम की इस परियोजना का संचालन ग्राम पंचायत करती है। पांच दिन पहले परियोजना की विद्युत मोटर फुंक गई थी, जिससे परियोजना बंद पड़ी है और तीनों गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रही है। ग्रामीण नजाकत खान, असलम, सलामत खान, भूरा, इनाम, एहसान, इनामुल्ला, डॉ. रिजवान आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत से लेकर जल निगम, ब्लॉक के अधिकारियों को वह लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके है, लेकिन परियोजना को ठीक करा कर आपूर्ति सुचारू नहीं की गई। तीनों गांव की करीब 70 प्रतिशत गरीब मजदूर तबका आबादी पेयजल के लिए इसी परियोजना पर निर्भर है, लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। महिला और बच्चों को मस्जिदों, मदरसों व अन्य दूर-दराज स्थित संसाधनों से बाल्टियों में पानी ढोना पड़ रहा है। परियोजना से जुड़े कनेक्शन धारक हर महीने 50 रुपये बिल भी अदा कर रहे हैं।
उधर, जल निगम के अवर अभियंता दुष्यंत कुमार का कहना है कि जानकारी मिली है। रविवार शाम तक मोटर ठीक कराकर आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी।