सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-13 सुबोध भारती की अदालत ने यौन हिंसा और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी आफताब उर्फ चूना पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वादी ने थाना फतेहपुर में तहरीर दी थी। बताया कि उसका बेटा उम्र करीब 13 वर्ष पांच सितंबर 2023 को अपने घर से हर दिन की तरह दूध लेने के लिए साइकिल से पास के ही हिंडन नदी के किनारे से अमीर हमजा के डेरों में गया था।
अमीर हमजा ने बताया कि तीन बजे आना दूध तीन बजे निकाला जाएगा। इसके बाद उसका बेटा दूध का डब्बा वहीं रखकर घर आ गया। बेटा दिन में ढाई बजे फिर से दूध लेने के लिए डेरे में गया, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। अमीर हमजा ने बताया कि दूध का डब्बा गांव के साहिल के हाथों भिजवा दिया है। जब अपने लड़के के विषय में जानकारी की तो बताया कि वह यहां नहीं आया है।
इसके बाद ग्रामवासियों के साथ बेटे की तलाश की। जानकारी मिली कि करीब साढ़े तीन बजे आफताब उर्फ चूना को लोगों ने उसके लड़के को बाग की ओर ले जाते हुए देखा। करीब रात के साढ़े नौ बजे बाग में जाकर देखा तो पास ही लड़के की साइकिल और उसका लड़का पड़ा था। उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत बताया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की।
विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अदालत में विचाराधीन रही।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील रखी कि उसे गांव की पार्टीबाजी के चलते मामले में झूठा फंसाया गया है। अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताया। दलील रखी कि नाबालिग के साथ यौन हिंसा करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पत्तों में छिपाया। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषी को सजा सुनाई है।