सहारनपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय शहजादपुर के प्रधान अध्यापक विरेंद्र कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। विद्यालय की दो सहायक अध्यापिकाओं ने उन पर व्हाट्सएप ग्रुप पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। दो दिन पहले बीएसए ने प्रधान अध्यापक विरेंद्र कुमार और सहायक अध्यापक श्रीकांत को निलंबित कर दिया था। माना जा रहा है कि निलंबन से क्षुब्ध होकर शिक्षक ने आत्महत्या की है।
फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव रेडी के मूल निवासी विरेंद्र कुमार काफी समय से उच्च प्राथमिक विद्यालय शहजादपुर में प्रधान अध्यापक पद पर कार्यरत थे। वो परिवार समेत रुड़की में रहते थे। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि विद्यालय की दो शिक्षिकाओं ने प्रधान अध्यापक विरेंद्र कुमार और सहायक अध्यापक श्रीकांत के खिलाफ तहसील दिवस में शिकायत की थी। आरोप था कि दोनों शिक्षकों ने शिक्षक संकुल व्हाट्सएप ग्रुप में शिक्षिकाओं के बारे में अभद्र टिप्पणी की थी। जिसकी जांच मुजफ्फराबाद खंड शिक्षा अधिकारी से कराई गई। जांच में दोनों दोषी पाए जाने पर दोनों शिक्षकों को तीन अक्तूबर को निलंबित कर गंगोह बीआरसी से संबंद्घ कर दिया था। साथ ही इसकी जांच गंगोह खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है।
बताया गया कि मंगलवार को शिक्षक विरेंद्र कुमार ने रुड़की में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें देहरादून अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उनकी मृत्यु हो गई। बुधवार को गांव रेडी में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। माना जा रहा है कि निलंबन से क्षुब्ध होकर उन्होंने आत्महत्या की है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि शिक्षक विरेंद्र कुमार ने आत्महत्या की है। आत्महत्या का कारण क्या है, इसकी जानकारी नहीं है। दो दिन पहले उन्हें और सहायक अध्यापक को निलंबित किया गया था। एक शिकायत मिलने पर कुछ माह पहले भी उन्हें निलंबित किया गया था।
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