सराफा बाजार में लगे शिविर में लोगों की आपत्तियां लेते
सहारनपुर। संजय कुमार और मनोज कुमार की दीनानाथ बाजार में दुकान है। पहले इसका टैक्स 1,134 रुपये था, जो जीआईएस सर्वे के बाद 13,795 रुपये कर दिया गया। बुधवार को आयोजित शिविर में उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए स्वकर निर्धारण प्रपत्र भरकर दिया, जिसमें दुकान का वास्तविक क्षेत्रफल लिखा। इसके बाद उनकी दुकान का टैक्स घटकर 1,844 रह गया है। शिविरों में पहुंचे पीड़ितों में से करीब 90 फीसदी लोगों के टैक्स में इसी तरह से अंतर आया है, जिसने जीआईएस सर्वे फिर संदेह में ला दिया है।
सरकार ने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के तहत सर्वे कराया है। इसमें संपत्तियों की संख्या 2.13 लाख से अधिक हुई है। अभी निगम ने व्यावसायिक भवनों के स्वामियों को ही जीआईएस सर्वे के नोटिस भेजे हैं, जिसमें लोगों के प्रतिष्ठानों का टैक्स सौ गुणा तक बढ़ा है। इसे लेकर व्यापारी और कई पार्षद आंदोलन की राह पर हैं। नगर निगम में अभी तक पांच हजार से अधिक आपत्तियां आ चुकी हैं। आपत्तियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम ने अब जीआईएस सर्वे की आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण के लिए वार्डों में शिविर लगाने का निर्णय लिया है।
बुधवार तीन जगहों पर शिविर लगाए गए। जुबली पार्क में कर अधीक्षक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लगे शिविर में सबसे अधिक 97 आपत्तियां और शिकायतें पहुंचीं, जबकि सराफा बाजार और अमृत सिनेमा के पास लगे शिविरों में 19-19 आपत्तियां और शिकायत पहुंची।
यह शिविर क्रमश: कर अधीक्षक सुधीर शर्मा और कर निर्धारण अधिकारी श्रुति माहेश्वरी की देखरेख में लगेे। 90 फीसदी लोगों की आपत्ति टैक्स बढ़ने की थी। उनसे स्वकर निर्धारण प्रपत्र भरवाए गए, जिसके बाद जीआईएस सर्वे के तहत बढ़े टैक्स में कमी आई है।