सहारनपुर। नगर निगम जिन संपत्तियों को कोर्ट में हारा हुआ है उनकी फाइलों को दोबारा निकलवा रहा है। करोड़ों रुपये कीमत की इन संपत्तियों को पाने के लिए निगम दोबारा केस लड़ने की तैयारी में है। इसके लिए फाइलों को स्टडी किया जा रहा है।
महानगर में अनेक संपत्तियां ऐसी हैं, जिन पर पहले नगर निगम का कब्जा हुआ करता था, लेकिन मामला कोर्ट में गया, जहां नगर निगम हारता चला गया। शहर के बीचोंबीच स्थित एक भूखंड का मामला नगर निगम करीब तीन वर्ष पहले हारा था। इसकी मौजूदा कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। इस भूखंड पर कभी नगर निगम कचरा प्रबंधन प्लांट चलाता था, जहां खाद बनाई जाती थी, लेकिन तीन साल पहले इस जमीन का कोर्ट में हार गया।
इनके अलावा चकराता रोड पर पर एक भूखंड पर लोगों ने व्यावसायिक निर्माण कर लिए और निगम सोता रहा। कब्जा करने वालों का कहना है कि उनके पास बैनामे हैं। ऐसे करीब एक दर्जन मामले हैं, जिन पर या तो जबरन कब्जे हैं या फिर नगर निगम कोर्ट से हारा हुआ है। अब नगर निगम कोर्ट में हारे हुए मामलों की फाइलों को दोबारा निकलवा रहा है, साथ ही जो लोग बैनामा होने की बात कहते हैं उनके बैनामों की हकीकत भी नगर निगम खांगालेगा। इसे लेकर संबंधितों में हड़कंप है।
सरकारी संपत्तियों को लेकर प्रदेश सरकार की मंशा साफ है कि किसी भी व्यक्ति को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। इसीलिए हम उन संपत्तियों की भी फाइलें स्टडी कर रहे हैं, जिनके केस नगर निगम कोर्ट में हारा हुआ है। एक इंच भी जमीन पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
- डॉ. अजय कुमार, महापौर