सहारनपुर। ‘मछली जल की रानी है। जीवन उसका पानी है...’ बाल कविता की ये पंक्तियां लोग बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन कई दिनों से बड़ी नहर में पानी बंद होना हजारों मछलियों के लिए मौत का कारण बन गया। तड़प-तड़प कर हजारों मछलियों ने दम तोड़ दिया। जो जिंदा बचीं उन्हें लोग पकड़ कर ले गए। मछलियों को पकड़ने के लिए दिनभर बड़ी नहर में लोगों की भीड़ लगी रही।
पिछले कई दिनों से अंबाला रोड स्थित बड़ी नहर में पानी बंद है। इसके कारण नहर की गहराई वाले क्षेत्रों में ही कम मात्रा में पानी बचा हुआ है। उसमें बड़ी संख्या में मछलियां शनिवार तक तैरती मिलीं। रविवार की सुबह लोग बड़ी नहर पर पहुंचे तो वहां हजारों की संख्या में सफेद मछलियां मरी हुई मिलीं। बड़ी तादाद में काले रंग की मछलियां पानी में जिंदा तैर रही थी। माना जा रहा है कि कई दिन से पानी रुका होने से उसकी कमी या फिर पानी में कोई जहरीला पदार्थ डालने से पानी विषैला होने से मछलियां तड़प कर मरी हैं।
उधर, जिंदा बची मछलियों को पकड़ने के लिए नहर में रविवार को लोगों की भीड़ लगी रही। कोई पॉलीथिन में तो कोई साड़ी या अन्य किसी कपड़े को पानी में फैलाकर जिंदा मछलियां पकड़ता रहा। कुछ लोगों ने तो पानी में जाल तक डाला और मछलियां पकड़ीं। कुछ युवकों ने जिंदा मछलियों के साथ छोटे केकड़ों तक को नहीं छोड़ा। दिनभर लोग बड़ी नहर में मछलियां और केकडे़ पकड़ते रहे, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ लोगों ने कुतुबशेर थाना पुलिस को इसकी सूचना भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।