सहारनपुर। यदि आप रेलवे स्टेशन पर किसी ट्रेन से सफर के लिए निकल रहे हैं तो सबसे पहले अपनी जेब चेक कीजिए कि अपनी पहचान के लिए कोई आईडी है या नहीं। यदि नहीं तो इसमें चूक न करें। एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित कोचों में ही नहीं बल्कि सामान्य गाड़ियों में यात्रा करते समय या फिर रेलवे स्टेशन परिसर में भी रेलवे चेकिंग स्टाफ से लेकर जीआरपी या आरपीएफ की टीमें आपका पहचानपत्र जांच सकती हैं। दरअसल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी एजाज शेख की रेलवे स्टेशन की गिरफ्तारी के बाद रेलवे प्रशासन सुरक्षा को लेकर अधिक अलर्ट हो गया है।
रविवार से ही जीआरपी एवं आरपीएफ की टीमों ने ट्रेनों से लेकर स्टेशन तक की निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा अन्य राज्यों की ओर से आने वाली ट्रेनों में सफर करने वाले संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। आतंकी के पकड़े जाने और जिले के देवबंद क्षेत्र में भी आईएम के आतंकियों के होने की आशंका को लेकर जीआरपी मुरादाबाद मुख्यालय ने भी स्टेशन पर चौकसी के निर्देश दिए हैं। रविवार की रात से सोमवार तक सघन चेकिंग जारी रही। जीआरपी थाना इंचार्ज सिराजुद्दीन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब ट्रेनों के अलावा बाहरी परिसर में भी यात्रियों और अन्य लोगों की चेकिंग की जाएगी।
हजारों यात्रियों पर नजर रखना बड़ी चुनौती
आतंकी की गिरफ्तारी के बाद निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंतित जीआरपी की टीमें सतर्कता तो बरत रही हैं लेकिन हजारों यात्रियों पर नजर रखना आसान नहीं है। मौजूदा समय में ही रोजाना 170 से 175 ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें करीब 25 से 30 हजार यात्री सफर करते हैं। स्टेशन परिसर के बाहर भी लगभग हर समय लोगों का आना-जाना रहता है। स्टेशन परिसर भी जीआरपी के अलावा आरपीएफ, थाना कुतुबशेर और थाना सदर के हिस्सों में बंटा है।
हर घंटे आंकी जाएंगी गतिविधियां
आरपीएफ थाना इंचार्ज जगदीश सिंह का कहना है कि 32 सीसी कैमरों से स्टेशन परिसर की निगरानी बढ़ाने के लिए हर घंटे कंट्रोल रूम में संदिग्ध गतिविधियों को आंका जाएगा। आरपीएफ टीमें भी अपने स्तर पर अलग नजर रखेंगी।