देवबंद, 2 फरवरी। मुसलमानों की बड़ी जमात जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुटों ने रार को देखते हुए सहारनपुर में 11 फरवरी को होने वाले अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि मौलाना अरशद मदनी गुट जमीयत के बैनर तले शुक्रिया अदा करने का कार्यक्रम तो नहीं करेगा, मगर कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी।
11 फरवरी को सहारनपुर में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अलग स्थानों पर कार्यक्रम होने थे। एक कार्यक्रम चाचा मौलाना अरशद मदनी का था तो दूसरा भतीजे मौलाना महमूद मदनी का। जहां मौलाना महमूद हसन देवबंदी मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन अवसर पर मौलाना अरशद मदनी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का शुक्रिया अदा करते। वहीं, मुजफ्फरनगर और शामली दंगों को लेकर मौलाना महमूद मदनी सपा पर निशाना साधते।
रार और विरोध को देखते हुए दोनों गुटों ने गलत संदेश जाने का तर्क देते हुए अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए।
अरशद मदनी गुट के शहर उपाध्यक्ष साआले अहकर ने बताया कि 11 फरवरी को होने वाला कार्यक्रम अब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले नहीं होगा। इससे गलत संदेश जा रहा था। उद्घाटन अवसर पर जमीयत की नुमाइंदगी करने के लिए संगठन के लोग जमीयत का झंडा लेकर मौजूद रहेंगे। उम्मीद है कि मौलाना अरशद मदनी भी कार्यक्रम में शिरकत करें, लेकिन वह मेडिकल कॉलेज का नाम बदले जाने को लेकर शुक्रिया अदा नहीं करेंगे। उधर, मौलाना महमूद मदनी गुट के सचिव मौलाना अब्दुल हमीद नोमानी ने भी कार्यक्रम मुलतवी (स्थगित) होने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह अगर कार्यक्रम करते तो इसका गलत संदेश जाता इसलिए उन्होंने इसको स्थगित कर दिया है।