सहारनपुर। ‘इस शहर में कोई बारात हो या वारदात, अब किसी भी बात पर खुलती नहीं खिड़कियां’ .......। शायर दुष्यंत की यह पंक्तियां अभी तक सहारनपुर वासियों पर फिट बैठती रही हैं, लेकिन दिल्ली गैंगरेप कांड के विरोध में यहां के बाशिंदों ने जिस तरह का आक्रोश दिखाया है, वह काबिले तारिफ है। बच्चों से लेकर बडे़, बुजुर्ग, क्या व्यापारी और क्या शिक्षार्थी, हर वर्ग की आंखों में साहसी बिटिया के लिए गम के आंसू है। यहीं वजह है कि गम के इन क्षणों में लोगाें ने नये साल का जश्न न मनाने का संकल्प लिया है।
रोटरी क्लब से लेकर कई व्यापारिक, उद्यमी संगठन और कई सामाजिक संस्थाओं ने यह निर्णय लिया है। सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष शिव कुमार गौड़ ने बताया कि 31 दिसंबर को न्यू ईयर के उपलक्ष्य में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा का कहना है कि यह घटना पूरे देश के लिए झकझोर देने वाली है। संगठन ने भी नए साल के कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। जन चेतना मिशन के अध्यक्ष गुलशन नागपाल ने कहा कि संगठन श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेगा। वर्ष 2013 में नारी शक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम किये जाएंगे। सहारनुपर रोटरी क्लब कोटिनेंटल के पदाधिकारी मुकेश सेठ का कहना है कि दुख के इन क्षणों में खुशी नहीं मनाई जा सकती है। इसलिए नए साल की कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।