देवबंद (सहारनपुर)। 15 दिन पहले दिल्ली से अपहृत एनआरआई युवती को सोमवार देर रात देवबंद पुलिस ने तलहेड़ी बुजुर्ग गांव में दबिश देकर अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया। छापे में दो आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस सनसनीखेज वारदात में खुलासा हुआ है कि अगवा युवती को नशीला खाना खिलाकर 15 दिन से बेहोशी की हालत में गांव में बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान उसे कई हाथों में बेचा भी गया। फिलहाल पुलिस ने पूछताछ के लिए छह अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है और अपहरण से जुड़े तमाम अन्य पहलुओं के मद्देनजर जांच की जा रही है।
साउथ लंदन के एलेडन शहर निवासी हीरा कारोबारी डेविड घोसले की बेटी गौरी घोसले (24) चार महीने के वीजा पर बीते 10 अक्तूबर को फ्लाइट से मुंबई पहुंची थी। अगले दिन ट्रेन से वह दिल्ली के लिए रवाना हुई और 15 अक्तूबर को नई दिल्ली स्टेशन पर उतर गई। यहां से पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी अपनी नानी एलिना के घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के वास्ते उसने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए टैक्सी की। बकौल गौरी...भूख की वजह से उसने ड्राइवर से टैक्सी किसी रेस्टोरेंट पर रोकने को कहा, लेकिन बातों में उलझाकर वह उसे अपने घर ले गया और खाना भी खिलाया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई।
बदमाशों के चंगुल से छुड़ाई गई गौरी ने मंगलवार को थाने में पुलिस को बताया कि होश में आने पर उसने खुद को किसी गांव में पाया। वहां उसे कमरे में बंद कर रखा गया था। सोमवार को ग्रामीणों की सूचना मिलने पर एसडीएम देवबंद राजेश कुमार सिंह ने देर रात पुलिस को तलहेड़ी बुजुर्ग गांव भेजा, जहां अगवा युवती मिल गई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एनआरआई युवती को देहरादून से 40 हजार रुपये में खरीदा था। एसएसपी सहारनपुर डीसी मिश्र ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस और दूतावास को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।