बेहट। मुस्लिम-धोबी समाज की पंचायत में दहेज लेने और देने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई। तय किया गया कि जो भी पंचायत के निर्णय के खिलाफ जाएगा उसे समाज दंडित करेगा। विवाह में डीजे बजाने पर रोक और अन्य फिजूल खर्ची रोकेजाने और शिक्षा के प्रति जागरूकता का फैसला लिया गया।
शुक्रवार को धोबी समाज की यह पंचायत कस्बे के मोहल्ला धोबियान में हुई। कई गांवों के धोबी समाज के जिम्मेदार लोगों ने पंचायत में भागेदारी की। पंचायत में समाज के सदर सईद अहमद हलवाना ने दहेज प्रथा पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव को सहमति के बाद पारित कर दिया गया। फरमान सुनाया गया कि पंचायत की पाबंदी के बाद यदि समाज में किसी ने शादी में दहेज लिया और दिया तो समाज संगठित होकर उसे दंडित करेगा।
इसके बाद पंचायत में प्रस्ताव रखा गया कि शादियों में होने वाले फिजूल खर्च पर भी रोक लगाई जाए। सर्व सम्मति से इस प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया। पंचों ने कहा कि शादी-विवाह में डीजे नहीं बजेगा। अन्य फिजूल खर्चों से समाज किनारा करेगा। इसी में सबकी भलाई है। पंचायत ने समाज के लोगों को शिक्षा की तरफ ध्यान देने को कहा। अंत में सदर सईद अहमद ने समाज के लोगों से राजनीतिक पहचान के लिए राजनीति में हिस्सेदारी बढ़ाने का आह्वान किया। सुलेमान, इरफान, रिजवान, इनाम, इकराम, वाजिद, चौधरी घसीटा, युनुस, खुर्शीद, परवेज, महबूब, अली हसन, मुस्तफी, महफूज,राशिद, जहूर हसन, वाजिद आदि पंचायत में मौजूद रहे।