खेतों को पानी न मिला तो गांव में नहीं घुस पाएंगे जनप्रतिनिधि
बड़गांव (सहारनपुर)। लिंक नहर से पानी की मांग को लेकर आहूत 12 गांवों के किसानों की पंचायत में ऐलान किया गया कि किसानों को जब तक लिंक नहर से पानी नहीं दिया जाएगा तब तक किसी भी पार्टी के जन प्रतिनिधि को प्रभावित गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। चेतावनी दी गई कि यदि एक माह के अंदर उन्हें खेती के लिए पानी नहीं मिला तो वे एकजुट होकर लिंक नहर उखाड़ कर स्वयं पानी लेंगे।
पंचायत में क्षेत्र के गांव उमरी मजबता में शिवकुमार राणा के आवास पर आहूत पंचायत में प्रणामी आश्रम शेरपुर के महंत स्वामी सागर सिंधु महाराज ने कहा कि बिना संघर्ष के आजादी नहीं मिली थी। फिर आपको पानी कौन देने वाला है। अब तो किसानों और संतों को एक साथ मिलकर संघर्ष का बिगुल बजाना ही पड़ेगा। पश्चिमी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार का किसानों को दिखाया हुआ सपना कोरा ही रह गया। सत्तासीन होते ही भाजपा भी किसानों की अनदेखी पर उतर आई है। किसान 14 लाख करोड़ के कर्ज तले दबे हैं।
किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि एकता में ही बल होता है। हम और आप साथ-साथ हैं तो पानी तो पानी नहर की नहर लेकर रहेंगे। जब सरकार ने किसानों की खेती की जमीन इस नहर को दी गई थी तो उस समय सत्ताधारी नेताओं ने इस क्षेत्र को गंगा लिंक नहर से पानी दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया था। लेकिन आज तक किसानों को पानी नहीं मिल पाया है।
राजेंद्र फौजी और अरविंद त्यागी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के सैकड़ों किसान गंगा की लिंक नहर से मात्र 35 कयूसेक पानी की मांग करते चले आ रहे हैं। इस बाबत बसपा, सपा, कांग्रेस व भाजपा के सभी नेताओं व अधिकारियों से मांग की गई। पश्चिमी प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हाफिज मुर्तजा त्यागी, सुशील प्रधान, संजय प्रधान, जगदीप सिंह, अमर सिंह, सुरेश शर्मा, विदुर त्यागी, मास्टर जीवन सिंह, सतीश भगत, धनेश, गौरव राणा, बंटी, बिजेंद्र आदि किसान मौजूद रहे। संचालन अरविंद त्यागी ने किया।