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भगवान श्रीराम का रिजवी के सपने में आना जहनी सोच का नतीजा: उलमा

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भगवान श्रीराम का रिजवी के सपने में आना जहनी सोच का नतीजा : उलमा
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देवबंद (सहारनपुर)। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के अयोध्या को लेकर दिए गए बयान पर देवबंदी उलमा का कहना है कि रिजवी को फालतू बयानबाजी करने की आदत पड़ गई हैं। भगवान श्रीराम का उनके सपने में आना उनकी जहनी सोच का नतीजा है।
दरअसल वसीम रिजवी ने भगवान राम के रोते हुए सपने में आने का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या राम का जन्म स्थान है मुस्लिम खलीफाओं का कब्रिस्तान नहीं। इस बयान को लेकर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि रिजवी को फालतू के बयान देने की आदत पड़ गई है। वह किसी ने किसी तरह से सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। उन्हें अयोध्या को लेकर जो सपना आया है दरअसल वो उनकी जहनी सोच का नतीजा है। क्योंकि ख्वाब जो है वो परेशां ख्याली का नाम है। वहीं, उन्होंने रिजवी के दूसरे बयान कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पाकिस्तान से पैसा लेकर मामले को कोर्ट में उलझाए हुए है पर कहा कि वसीम रिजवी जो बयान दे रहे हैं अगर उनके पास कोई पुख्ता सबूत हो तो पेश करें। मुफ्ती अरशद ने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड रिजवी के इस बयान का संज्ञान देकर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करे। बिना किसी सबूत के बोर्ड पर झूठे इल्जाम लगाकर बदनाम करना गलत है। इस पर रिजवी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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बुर्के पर पाबंदी का संज्ञान ले यूएनओ: फारुकी
देवबंद। स्विटजरलैंड में बुर्के पर पाबंदी लगाए जाने को लेकर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि वहां की हुकूमत का यह फैसला सरासर इंसानी हकों के खिलाफ है। संयुक्त राष्ट्र संघ को चाहिए कि वह इसमें हस्तक्षेप करे और कार्रवाई करे। मुफ्ती अरशद ने कहा कि पूरी दुनिया में साजिश के तहत इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। मुसलमानों की परंपराओं को षड्यंत्र के तहत खत्म किया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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