नकुड़/सहारनपुर। भाजपा सरकार का एक साल बीत गया, लेकिन नकुड़ क्षेत्र आज भी विकास से अछूता रहा है। यहां के विधायक डा. धर्म सिंह सैनी मंत्री भी बन गए, लेकिन शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा सुविधा, बस अड्डा और मंडी आदि की समस्याएं जस की तस हैं।
प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर और शाह आलम की तामीर कराई गई जामा मस्जिद से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने वाला नकुड़ क्षेत्र विकास को तरस रहा है। क्षेत्र में समस्याओं की लंबी फेहरिस्त है। हालांकि, यमुना के तटबंध बनाए और बाढ़ जैसी आपदा को कम करने के प्रयास किए गए। मगर, अब भी क्षेत्र के कई गांव बरसात के दिनों में यमुना नदी का कहर झेलते हैं। मंडी के अभाव में किसानों को मजबूरन हरियाणा का रुख करना पड़ता है, जिनके पास साधन नहीं हैं, उन्हें अपने अनाज कम दामों में बेचने पड़ते हैं। बरसात के दिनों में खादर के गांवों में बीमारी का प्रकोप बढ़ जाता है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होने की वजह से लोगों की जान चली जाती है। सीएचसी में सुविधाएं न होने के कारण अधिकतर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है, जिनमें सड़क हादसों में गंभीर घायल रास्ते में दम तोड़ देते हैं। दूषित पेयजल भी क्षेत्र की बड़ी समस्या है, जिसके कारण लोग बीमार हो रहे हैं। वर्षों से चली आ रही राजकीय डिग्री कालेज एवं बस अड्डे की मांग ज्यों की त्यों बनी है। डिग्री कालेज न होने के कारण छात्र-छात्राओं को नकुड़ से करीब 25 किलोमीटर दूर सहारनपुर और अन्य शहरों में जाना पड़ता है। इसके अलावा बस अड्डा होने की वजह से बसें सड़कों पर खड़ी रहती हैं, जिनसे जाम लगा रहता है। क्षेत्र में आवागमन के साधनों की कमी है। रोजगार की तलाश में रोजाना सैकड़ों लोग हरियाणा के यमुनानगर व अन्य जगहों पर जाते हैं। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे राज्यमंत्री के क्षेत्र में खोखले साबित हो रहे हैं। नकुड़-गंगोह मार्ग दयनीय स्थिति में है। नकुड़-शाहजहांपुर मार्ग पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। कुल मिलाकर एक वर्ष में क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए।
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थी बहुत उम्मीदें, नहीं हुए काम
नकुड़। नगर के कपड़ा व्यापारी एवं पूर्व पालिका सभासद पीयूष जैन का कहना है कि केंद्र के बाद प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनने के बाद जनता ने विकास की जो उम्मीदें लगाई थीं, उन पर सरकार खरी नहीं उतरी है। बिजली आपूर्ति में भी कुछ सुधार नहीं हुआ है। गांव सांपला बेगमपुर के ग्राम प्रधान चौधरी आशीष सांपला का कहना है क्षेत्र में विकास कार्य बिल्कुल ठप है। योगी सरकार में प्रधानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। चीनी मिलों द्वारा समय पर किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। भाकियू के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष चौधरी विक्रम सिंह का कहना है कि क्षेत्र में शिक्षा के लिए राजकीय डिग्री कालेज की मांग वर्षों से चली आ रही है। तहसील सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में किसानों का शोषण किया जा रहा है। बिजली बिल वसूली के नाम पर किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी तेलूराम सैनी का कहना है जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, अपराध पर अंकुश लगा है। भ्रष्टाचार में भी कमी देखने को मिल रही है। धीरे-धीरे सड़कों की हालत भी सुधर रही है।
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प्रदेश में जितना कार्य पूर्व की सरकारें पांच वर्षों में नहीं करा पाई हैं, उससे ज्यादा एक वर्ष में हुआ है। वह 15 साल से क्षेत्र की जनता की सेवा कर रहे हैं। इस दौरान सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरपूर काम कराए गए। विद्युत सब स्टेशन बनवाया गया और नकुड़ को डबल ग्रुप बिजली दिलवाई गई। यमुना नदी के तटबंध बनवाकर कटान रुकवाया गया। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के प्रति वह पूरी तरह से गंभीर हैं। समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम आएंगे। ---- डा. धर्म सिंह सैनी, विधायक व राज्यमंत्री
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उन्होंने विधायक बनने के बाद अपनी विधानसभा क्षेत्र में विपक्ष में रहते हुए रिकार्ड विकास कार्य कराए थे, लेकिन क्षेत्रीय विधायक ने सरकार में मंत्री होते हुए भी कार्य नहीं कराए। वह क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। योगी सरकार के छह माह के भीतर सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। किसान, मजदूरों और आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं हो रही।---------------------इमरान मसूद, पूर्व विधायक एवं गत विधानसभा चुनाव में प्रमुुख प्रतिद्वंद्वी