छुटमलपुर (सहारनपुर)। डाट मंदिर पर उमड़े श्रद्धालुओं और पहाड़ पर नववर्ष मना कर लौट रहे लोगों के वाहनों से साल के पहले ही दिन शिवालिक पहाड़ियों में दून हाईवे पर जाम लग गया। दोपहर करीब एक बजे लगा जाम शाम पांच बजे खुल सका था। इस दौरान दस किमी की दूरी को वाहनों ने रेंगकर तय किया जिसमें दो से तीन घंटे तक का समय लग गया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस व्यवस्था भी नाकाफी दिखाई पड़ी।
साल के पहले दिन यूपी उत्तराखंड की सीमा पर स्थित माता जयंती काली और माता भद्र काली के मंदिरों पर दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उधर मसूरी, देहरादून और धनोल्टी में नया साल मना कर लौट रहे लोगों के वाहनों का रैला सोमवार को दोपहर बाद जब उमड़ना शुरू हुआ तो दून हाईवे पर शिवालिक पहाड़ियों के बीच जाम लग गया। दोपहर एक बजे लगे जाम की हालत यह थी कि डाट के दोनों तरफ तीन से पांच किमी तक वाहन फंसे थे। मैदानी इलाकों से कभी कभार पहाड़ में जाने वाले चालकों ने एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हाईवे पर तीन से चार लाइन तक वाहनों की फंसा दी जिसके बाद जाम की स्थिति और भयावह हो गई। पहाड़ के बीच दस किमी के हिस्से की दूरी तय करने में ही दो से तीन घंटे यात्रियों को लगे। जाम में फंसे रहे छुटमलपुर निवासी उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण निगम के पूर्व निदेशक मो. मुजतबा, मनोज चौधरी, मोतीराम चौहान, अशोक कुमार आदि यात्रियों ने बताया कि वे दोपहर ढाई बजे जाम में फंसे थे जो पांच बजे किसी तरह मोहंड पहुुंच सके।
बता दें कि तीन माह पूर्व जाम से निपटने के लिए दोनो राज्यों के आला पुलिस अधिकारियों की मोहंड में हुई बैठक के बाद यहां चीता बाइक सवार पुलिस कर्मी तैनात करने के साथ ही पुलिस चौकी की स्थापना पर सहमति बनी थी। बीच बीच में सड़क पर प्लास्टिक के डिवाइडर भी बनाए गए थे लेकिन नियमों को ताक पर रख कर वाहन चलाने वालों ने इन डिवाइडरों को ध्वस्त कर दिया है और चीता बाइक सवार पुलिसकर्मी भी जाम से निपटने में असहाय नजर आ रहे हैं।