जीएसटी के बाद बढ़े रेट तो बढ़ा दिए, कम हुए रेट कम नहीं किए
सहारनपुर। जीएसटी लगने के बाद जिन वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं उन्हें तो बढ़ा दिया गया, लेकिन जिन वस्तुओं की कीमतें कम हो गईं, उन्हें कम नहीं किया गया। विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने छापा मारा तो यह गोलमाल पकड़ा गया। यहां तक कि बड़े शोरूम भी छपी कीमत पर जीएसटी लगाकर सामान बेचते हुए पकड़े गए।
विधिक माप विज्ञान विभाग की सहायक नियंत्रक स्वाति कौशिक ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद मार्केट पर हुए प्रभाव की जानकारी लेने के लिए विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचकर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ी गईं। टीम ने विशाल मेगा मार्ट एवं इजी डे पर वस्तुओं की कीमतों की जानकारी की। यहां पर जिन वस्तुओं की कीमतें जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ गईं, उन पर तो कीमतें बढ़ा दी गईं, लेकिन जिनकी कीमतें कम हो गईं, उनकी कीमतों को कम नहीं किया गया। उनकी कंपनी की कोई गाइड लाइन भी उन्हें नहीं दी गई। जिसके चलते दोनों स्टोर का चालान किया गया है और नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा कलक्ट्रेट के पास नौशाद पान भंडार एवं घनश्यामदास देवी दयाल के यहां सिगरेट के पैकेट को 47 रुपये की बजाय 50 रुपये में बेचते हुए पाया गया। इन दोनों का चालान कर दिया गया।
दिल्ली रोड स्थित रेडीमेड गारमेंट के ऐरो स्टोर पर ग्राहक बनकर टीम ने एक शर्ट की कीमत जानी। 2999 रुपये की शर्ट पर 35 प्रतिशत छूट दी गई थी। लेकिन शर्ट को 2183 रुपये में दिया गया। निर्धारित कीमत पर जीएसटी अलग से लगाकर लोगों से अधिक पैसे की वसूली की जाते हुए मिली। इसी प्रकार वुडलेंड शो रूम में एक टी-शर्ट 1995 रुपये पर 50 प्रतिशत की छूट बताई गई। इस टी-शर्ट को 1047 रुपये में दिया गया। इस पर भी प्रिंट रेट पर अलग से जीएसटी के नाम पर अधिक पैसे की वसूली की गई। जबकि एमआरपी में ही जीएसटी का बढ़ी हुई अथवा कम हुई कीमत शामिल होती है। उन्होंने बताया कि इन सभी का चालान कर दिया गया है और नोटिस भी भेजा गया है।
सहायक नियंत्रक स्वाति कौशिक ने बताया कि सहारनपुर के अलावा मुजफ्फरनगर में भी तीन स्थानों पर कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरनगर में एपेक्स सीमेंट की 50 किलो की पेकिंग की जा रही है। लेकिन उसका कोई पंजीकरण नहीं मिला। साथ ही जो तौल उपकरण पाए गए, उनका भी विभाग से सत्यापन नहीं कराया गया।
भोपा रोड, ग्रांड प्लाजा स्थित पेंटालून में जांच के दौरान पर्स पर कोई रेट लिखा हुआ नहीं पाया गया। सर्कुलर रोड स्थित एडीएएम सिस्टम इंजीनियरिंग के यहां ल्यूमिनस कंपनी की बैटरी की जांच की गई। बैटरी पर जो साइज लिखा हुआ था, उससे कम पाया गया।
इन सभी का चालान कर दिया गया है और नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय में आरोपियों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मामला कोर्ट में भेज दिया जाएगा।