सहारनपुर। आतंकियों के मंसूबे लोकसभा चुनाव से पहले माहौल खराब करने के थे। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को फिदायीन तैयार करने का टॉस्क दिया गया था। माना जा रहा है कि फिदायीन के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रैलियों के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। जिससे दहशत बनाई जा सके।
देवबंद से पांच दिन पूर्व गिरफ्तार किए गए आतंकी शाहनवाज और आकिब से एटीएस लगातार जानकारी कर रही है। एटीएस यह खुलासा कर चुकी है कि आतंकियों का मकसद कुंभ मेले में बड़ी वारदात को अंजाम देना था। सूत्रों के अनुसार आतंकियों के निशाने पर पश्चिमी यूपी में होने वाली राजनीतिक रैलियां भी थीं। राजनीतिक दलों की बड़ी रैलियों में हमले के लिए फिदायीन तैयार किए जा रहे थे। इनका इस्तेमाल खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होने वाली स्टार प्रचारकों एवं भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं की रैलियों के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम देने में किया जा सकता था।
जैश के टारगेट पर वेस्ट के युवा
पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्म्द के आकाओं के वेस्ट यूपी के युवक साफ्ट टारगेट हैं। इसी मंसूबे को लेकर शाहनवाज और आकिब को वेस्ट यूपी के युवाओं को जोड़ने, उनको ट्रेनिंग देने के लिए भेजा। जिससे वेस्ट यूपी में युवा जेहादी तैयार किए जा सकें, लेकिन एटीएस ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
वह कौन था
एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने एक दिन पहले ही एक खास व्यक्ति को बुलाया था। एटीएस द्वारा जानकारी किए जाने पर यह बात सामने आई है, लेकिन वह व्यक्ति कौन था, किसी राजनीतिक संगठन अथवा किसी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है। एटीएस उस व्यक्ति को तलाश कर रही है। खुफिया विभाग भी उसकी जानकारी कर रहा है।
फोन सिम किसकी आईडी से लिया
देवबंद से गिरफ्तार आतंकियों ने मोबाइल फोन के लिए सिम भी लिया। जिस कंपनी का सिम लिया गया, न तो उस कंपनी ने और न ही सिम बेचने वाले ने आईडी (पहचान पत्र) तस्दीक की। किसकी आईडी लगाकर आतंकियों ने सिम प्राप्त किया और फिर उस सिम के जरिए वीडियो कॉलिंग करके न सिर्फ पाकिस्तान में बैठे आकाओं से संपर्क में आ चुके थे। इन्हीं नंबर पर पाकिस्तान से मेसेज भी आते रहे।