नागल (सहारनपुर)। शेर सिंह राणा ने कहा कि इतिहास के पन्नो पर क्षत्रिय समाज का इतिहास गौरवमयी रहा है, क्योंकि राजपूतों ने हमेशा देश की अखंडता, संप्रभुता एवं सम्मान के लिये अपना बलिदान दिया है। लेकिन आज राजपूत समाज अपनी दिशा से भटक रहा है।
नागल के गांव सधारणसिर में आयोजित क्षत्रिय महासम्मेलन में पहुंचे शेर सिंह राणा का सबसे पहले फूल मालाएं व पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इसके बाद राणा ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी से दूर रहते हुये शिक्षित करना होगा। तभी समाज का गौरव बचाया जा सकता है। उन्होंने 27 सितंबर को सहारनपुर जैन डिग्री कालेज रोड पर क्षत्रिय समाज की महा पंचायत में भागेदारी का आह्वान किया। बताया कि अगले दो माह में सहारनपुर से आगरा तक पैदल यात्रा निकालकर राजपूत समाज के एक लाख युवाओं को संगठित करने का काम किया जाएगा। वक्ताओं ने एससी, एसटी कानून व आरक्षण नीति पर सरकार का विरोध जताया। साथ ही मृत्यु भोज, दहेज प्रथा बंद करने पर बल दिया। सम्मेलन को पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष मानवीर पुंडीर, क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कानसिंह राणा, सुरेंद्रपाल ठाकुर व जितेंद्र राणा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान कुशलपाल राणा व संचालन ठाकुर अग्रसेन पुंडीर ने किया।
इस अवसर पर अरुण राणा, डा देवराज सिंह पुंडीर मंडावर, लोकेश राणा, सुरेश प्रधान, राजबीर सिंह, नीरज राणा, रजत राणा, अर्जुन राणा, प्रवीण राणा, शेरसिंह, पूर्ण सिंह, रामबीर, रविंद्र राणा, संजय राणा, कृष्णकुमार, गुल्लू राणा, कुलदीप, प्रदीप राणा, रजनी राणा, अनीता राणा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।