सहारनपुर। बाल गृह बालिका की महिला कर्मचारियों ने संचालक पर वेतन न दिए जाने एवं हथियारों से आतंकित कर हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप लगाते हुए हकीकतनगर धरना स्थल पर धरना दिया। उसके बाद रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
सोमवार को बाल गृह बालिका की महिला कर्मचारियों ने हकीकतनगर धरना स्थल पर धरना दिया। महिलाओं ने प्रोबेशन अधिकारी, डूडा अधिकारी तथा बाल गृह के संचालक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बाल गृह के संचालक ने उनसे डोनेशन लेकर स्थाई कराने का आश्वासन देकर नौकरी पर रखा था। कई वर्षों से वेतन तक नहीं दिया और फर्जी शपथ-पत्र तैयार कराकर प्रशासन को भ्रमित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाल गृह बालिका के सचिव ने महिला कर्मचारियों से तमंचे से आतंकित कर उनसे वेतन रजिस्टर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए हैं। आरोपी महिलाओं एवं नाबालिग लड़कियों का शारीरिक एवं मानसिक शोषण कर रहे हैं। महिलाओं ने मांग की है कि स्वयं सहायता समूह में कार्य करने वाली महिलाओं के द्वरा समूह मिलाकर लोन दिलाने के नाम पर ठगी की गई और महिला को लोन दिया गया इसकी जांच कराई जाए। महिलाओं से अवैध धन लिया और महिलाओं का शोषण किया, डूडा विभाग के अधिकारी भी भ्रष्टाचार में लिप्त है औ उसके साथ मिलकर महिलाओं का शोषण किया जा रहा है। डूडा के एक अधिकारी ने फर्जी तरीके से मूल्यांकन शीट पर हस्ताक्षर कराकर चार संस्थाओं को तैयार करके कौशल विकास मिशन के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन किया है। संस्थाओं को फर्जी प्रशिक्षण दिलाकर लखनऊ के अधिकारियों को फर्जी रिपोर्ट भेजी गई। इसकी जांच कराई जाए। इस संबंध में मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा। महिलाओं ने धरना देने के बाद नारेबाजी करते हुए अखिल भारतीय आर्य वीर सेना के नेतृत्व में रैली निकाली और कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। पुतला फूंकने वालों में रेनू धीमान, महेंद्र सिंह, तरन्नुम, खुशमिदा, नसरीन, ममता, बबिता, मेवा, भंवरकली, वीरवती, कौशल, राखी, संजीता, रीना, बेबी, रेखा, सावित्री, डाक्टर अशोक मलिक, दिनेश जायसवाल, धर्मेंद्र शामिल रहे।