देवबंद (सहारनपुर)। आत्मा को परमात्मा बनाने, राग पर विराग की विजय तथा अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का महापर्व पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व (दशलक्षण पर्व) में सातवें दिन नगर के चारों जैन मंदिरों में उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा, नेचलगढ़, कानूनगोयान और मंदिर जी बाहरा में संगीतमय अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजा और इंद्रध्वज महाविधान का आयोजन विनय शास्त्री के सानिध्य में कराया जा रहा है। दोपहर में पंडित धरणेंद्र द्वारा स्वाध्याय कराई गई। उन्होंने प्रवचनों के माध्यम से बताया कि जिस प्रकार सोने को अग्नि में तपाकर निखारा जाता है उसी प्रकार तप करने से अपनी आत्मा को भी कुंदन बनाया जा सकता है। धार्मिक संयोजिका चंदन बाला जैन ने अंताक्षरी कराई। विनय शास्त्री ने चार ग्रुप बनाए, जिनमें कुंद-कुंद आचार्य ग्रुप विजयी रहा। प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मंजू जैन, रविंद्र जैन, सविता जैन, अजय जैन, सुधा जैन, प्रमोद जैन, निर्मल जैन, महेंद्र जैन, शशि जैन, संध्या जैन, अनु, मोनिका, आकाश राज, अशोक जैन, संतोष जैन, पुष्पलता, नीलिमा, अंकित जैन, संदीप जैन, सुरेश जैन, विनोद जैन, सुरभि, संजीव, राजकुमार, सुनीता, डोली, प्रीति, उर्मिला, रजत जैन आदि रहे।