गागलहेड़ी। पठेड़ गांव स्थित आयशा मस्जिद के करीब 80 वर्ष पुरानी होने का दावा है। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से इस मस्जिद में नमाज अदा होती आ रही है। कुछ महीने पहले मस्जिद से पांच वक्त की अजान को लेकर रोक लगाए जाने के बाद मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया। अजान जारी रखने की मांग को लेकर मस्जिद से जुड़े लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ता शहनवाज खान ने बताया कि करीब तीन माह पहले पुलिस ने पांच वक्त की अजान पर रोक लगवा दी थी। पुलिस का कहना था कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर शिकायत हुई थी। प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। करीब तीन महीने तक मामले में कानूनी प्रक्रिया चली। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने राहत मिलने की बात कही है। शहनवाज खान ने बताया कि मस्जिद में पांच वक्त की नमाज और अजान को लेकर वह न्यायालय के निर्देशों का पालन करेंगे। साथ ही आदेश की प्रति संबंधित शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मस्जिद के इमाम उमेर ने बताया कि आयशा मस्जिद गांव की पुरानी मस्जिदों में शामिल है। इसका इतिहास करीब 80 वर्ष पुराना है। यहां लंबे समय से लोग नमाज अदा करते आ रहे हैं। अजान को लेकर विवाद सामने आने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन किया जाएगा।