सहारनपुर। पांवधोई नदी पर स्थित खुमरान पुल के निर्माण के दौरान लोहे का जाल गिरने से हुई दो मजदूरों की मौत के मामले में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने निर्माण कंपनी के ठेकेदार पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हादसे में ठेकेदार की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार सुबह लगभग पौने 11 बजे निर्माणाधीन खुमरान पुल का जाल बांधते समय अचानक मजदूरों के ऊपर लोहे की सरियों से बना जाल गिर पड़ा। जिससे संभल निवासी जयवीर और रामकुमार की मौत हो गई थी। जबकि बमलेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने प्रारंभिक जांच में निर्माण कंपनी के ठेकेदार की लापरवाही माना।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मोहित कुमार ने दो मजदूरों की मौत के मामले में बागपत के खेकड़ा की निर्माण कंपनी मेसर्स जय दुर्गे कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। अधिशासी अभियंता कर्मवीर सिंह ने बताया कि कंपनी के ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। जिस कारण कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि हादसे की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। विभागीय जांच के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है। साथ ही स्थानीय स्तर पर समिति का गठन भी किया गया है, जो निर्माण में हुई लापरवाही की गंभीरता से जांच करेगी।
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-- आर्थिक मदद के लिए शासन को की गई संस्तुति
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये का आर्थिक सहायता दिला दी गई है। श्रम विभाग की ओर से सहायता दिलाए जाने के लिए श्रमायुक्त की ओर से शासन को संस्तुति की गई है।
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118.13 लाख रुपये का दिया गया है ठेका
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कर्मवीर सिंह ने बताया कि बागपत के खेकड़ा की निर्माण कंपनी जय दुर्गे को पुल निर्माण का ठेका 118.13 लाख रुपये में दिया गया है। कंपनी का ठेकेदार जगदीप धामा है। यहां पर 18 मीटर चौड़ाई और 15 मीटर लंबाई के बॉक्स कल्वर्ट बनाया जाना है। जिसकी फाउंडेशन बनाने का कार्य कराया जा रहा था।
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रिपोर्ट में ठेकेदार का नाम तक नहीं दिया
हादसे में दो मजदूरों की मौत के मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में खानापूर्ति कर दी गई है। इससे न सिर्फ कंपनी एवं विभाग के कई जिम्मेदार साफ बचा लिए गए, बल्कि एक भी व्यक्ति का नाम तक नहीं दिया गया है। मंगलवार को हुए इस हादसे के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने निर्माण कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही माना था, लेकिन दर्ज कराई रिपोर्ट में किसी भी अफसर की लापरवाही का उल्लेख नहीं है। यह कार्य निर्माण कंपनी के इंजीनियर एवं लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की देखरेख में कराया जा रहा है। जिससे इस हादसे के लिए निर्माण कंपनी के ठेकेदार के साथ ही कंपनी के इंजीनियर भी जिम्मेदार होने चाहिए और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी होने चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के नियमानुसार निर्माण कार्य के समय ठेकेदार को मौके पर रहना चाहिए था। निर्माण कंपनी के इंजीनियर मौके पर होने चाहिए थे। लोक निर्माण विभाग के भी अवर अभियंता, सहायक अभियंता अथवा अधिशासी अभियंता को भी निर्माण कार्य के समय मौके पर होने चाहिए थे, लेकिन कार्य मजदूरों के ही जिम्मे सौंप दिया गया और मौके पर कोई नहीं पहुंचा। रिपोर्ट में सिर्फ खानापूर्ति करते हुए ठेकेदार के खिलाफ बिना नाम के ही रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। न पीडब्लूडी के किसी अधिकारी को जिम्मेदार माना और न ही निर्माण कंपनी के किसी इंजीनियर को जिम्मेदार माना गया।
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- हादसे के बाद निर्माण कार्य हुआ बंद
खुमरान पुल पर हादसे के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है। पहले ही इस पुल के निर्माण में काफी देरी हो चुकी है। अभी तक दस प्रतिशत कार्य भी नहीं हो पाया है, जबकि एक माह से अधिक समय बीत चुका है और तीन माह में निर्माण पूरा होना है। इस हादसे के बाद इसके निर्माण कार्य में फिर से देरी हो सकती है। हालांकि इस हादसे की जांच तेजी से की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों के जाना और कुछ साक्ष्य भी एकत्रित किए।
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