देवबंद (सहारनपुर)। रमजान का पवित्र माह बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। जहां एक ओर लोगों ने सुबह सहरी कर रोजा रखा। वहीं उपकारागार में बंद कैदी व बंदियों ने भी रोजे रखे। मुस्लिम समाज के करीब 70 कैदियों ने अल्लाह की रजा (खुशी) हासिल करने के लिए रमजान का पहला रोजा रखा। जिनकी सहरी और इफ्तार की जिम्मेदारी जेलर ने उठाई।
बृहस्पतिवार को उपकारागार में मुस्लिम बंदी और कैदियों ने रोजे रखे तथा नमाज अदा कर अल्लाह से अपने किए की तौबा की। जेल प्रशासन ने मुस्लिम कैदियों के रोजे के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की हुई है। सुबह सहरी में खाने की व्यवस्था और रोजा इफ्तार के लिए भी खास इंतजाम किए गए। जिला जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि देवबंद उपकारागार में 70 मुस्लिम बंदियों ने रोजे रखे हैं। रमजान माह को देखते हुए सहरी व इफ्तार की व्यवस्था की गई है। जिसमें उन्हें खजूर, दूध और चना के अलावा फल और भोजन दिया जा रहा है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम रोजेदारों के लिए सहरी और इफ्तार की व्यवस्था की गई है। सहरी के लिए रात 3.30 बजे उन्हें पानी भी उपलब्ध करा दिया जाता है। ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जेलर राम शिरोमणि यादव ने बताया कि जेल में करीब 100 मुस्लिम बंदी है। जिसमें 70 लोगों ने रोजा रखा है। उन्हें सहरी में रोटी, दही, चीनी, दूध दी जाएगी। जबकि इफ्तार के लिए रोटी, दूध, बिस्कुट, चीनी, ठंडा शर्बत की व्यवस्था की गई है। प्रयास है कि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।