देवबंद (सहारनपुर)। मजाहिर उलूम के सदर मुफ्ती मौलाना महमूद आलम मजाहिरी ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा इंसानियत को शांति का पैगाम दिया और सही रास्ते पर चलना सिखाया है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करें और उसकी रोशनी को दूसरों तक पहुंचाने का काम करें।
सोमवार की रात्रि ईदगाह रोड स्थित दारुल उलूम फारुकिया में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौलाना मुफ्ती महमूद आलम ने कहा कि आज इस्लाम दुश्मन ताकतें लगातार यह कोशिश कर रही हैं कि मुसलमानों और मदरसों को बदनाम किया जाए। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वह इस्लाम का दामन मजबूती के साथ थामे रखे और मेहनत व लगन के साथ तालीम हासिल कर दुनिया के सामने इस्लाम की सही तस्वीर पेश करें। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम इंसान को सही रास्ते पर चलना सिखाता है। संस्था के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी ने कहा कि मदरसे दीन के मजबूत किले हैं। जिनकी हिफाजत की जिम्मेदारी अल्लाह ताआला की है। यहां से तालीम हासिल कर लाखों करोडों छात्र इसकी रोशनी को दूर तक फैलाने का काम कर रहे हैं। दुनियाभर में इस्लाम के मानने वाले शांति का संदेश फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का कर्तव्य है कि वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र मौ. अकील की तिलावत-ए-कलाम पाक व मौ. शाहबान की नात-ए-पाक से हुई। अध्यक्षता मौलाना नूरुलहुदा व संचालन रहमतुल्लाह नूर ने किया। इस मौके पर मौलाना मुफ्ती मैराज कासमी, मुफ्ती इफ्तेखार कासमी, मौलाना नफीस कासमी, मौलाना शब्बीर कासमी, इंजीनियर इमदादुल्लाह, कारी रिहान, मौलाना अतीक, मौलाना नसीबुर्रहमान और मौलाना उजैर आदि मौजूद रहे।