सहारनपुर। शहर में दौड़ रहीं ई-रिक्शाका रजिस्ट्रेशन अब नगर निगम में हो रहा है। नगरायुक्त ने 22 नवंबर को एक पत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन वाली ई-रिक्शा संचालकों को 15 दिन के भीतर यानी सात दिसंबर तक नगर निगम में रजिस्ट्रेशन करा लेने को कहा था। सात दिसंबर के बाद बिना रजिस्ट्रेशन चलती मिली ई-रिक्शाओं को जब्त करने की चेतावनी दी थी। मगर उनकी चेतावनी का ई-रिक्शा संचालकों पर कोई असर नहीं पड़ा है। 15 दिन में मुश्किल से छह ई-रिक्शा संचालक ही नगर निगम पहुंचे हैं।
ई-रिक्शाओं ने साइकिल रिक्शाओं की जगह लेकर रिक्शा चालकों को आराम के साथ ही कमाई दोगुनी की है। यही वजह है कि आज एक हजार से अधिक ई-रिक्शाएं शहर में अलग-अलग मार्गों पर सवारियों को ढो रही हैं। नियमानुसार अन्य वाहनों की तरह ई-रिक्शा का भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, मगर 90 फीसदी से अधिक ई-रिक्शा चालक ऐसा करने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर सड़कों पर उतरी बिना रजिस्ट्रेशन की ई-रिक्शाएं शहर की सड़कों को ब्लॉक कर ही रही हैं। नगर निगम प्रशासन ने 22 नवंबर 2017 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें बिना रजिस्ट्रेशन की ई-रिक्शा संचालकों को नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही थी। मगर रिक्शा चालकों ने ऐसा नहीं कराया है। नगरायुक्त गौरव वर्मा का कहना है कि जल्द ही अभियान चलाकर बिना रजिस्ट्रेशन की ई-रिक्शाओं को जब्त किया जाएगा।