मौजूदा हालात में हंसना आसान, हंसाना मुश्किल : डा. नवाज
देवबंद (सहारनपुर)। सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था बज्मे अदब के तत्वावधान में हास्य व्यंग्य कवि डा. सादिक देवबंदी की पुस्तक हंसी के बोल गप्पे का विमोचन समारोह आयोजित किया गया।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का शुभारंभ रुड़की के वरिष्ठ साहित्यकार केपी अनमोल ने शमा रोशन कर किया। समारोह का आगाज शायर अशरफ किरतपुरी की नाते-पाक से हुआ। अध्यक्षता कर रहे शायर डा. नवाज देवबंदी ने कहा कि मौजूदा हालात में हंसना बहुत आसान है। लेकिन हंसाना बहुत मुश्किल काम है। जो लोग हंसाने का काम करते हैं, वह बहुत मुश्किल काम है। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य शमीम मुर्तजा फारूकी ने कहा कि डा. सादिक देवबंदी ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। अरुण अग्रवाल ने डा. सादिक देवबंदी की साहित्य सेवा एवं साहित्यिक गतिविधियों की सराहना की। पूर्व पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने कहा कि सादिक देवबंदी चिकित्सा जगत से जुड़े होने के कारण भी साहित्य सेवा कर रहे हैं। इसलिए वह प्रशंसा के पात्र हैं। हास्य व्यंग्य कवि डा. शमीम देवबंदी, अशरफ कितरपुरी, केपी अनमोल, डा. नदीम अहमद आदि ने भी विचार रखे। अतिथियों को संस्था की तरफ से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। संचालन कमल देवबंदी ने किया। कार्यक्रम में आशिफ अली, महबूब अंसारी, जावेद अंसारी, वरयाम खान, मंसूर अनवर, अंसार मसूदी, नजम उस्मानी, शाहिद अंसारी, नूर देवबंदी, नौशाद अंसारी, पप्पू अंसारी, असलम मुखिया, फहीम उस्मानी आदि मौजूद रहे।