बेहट (सहारनपुर)। खनन को लेकर फायरिंग और पथराव कोई नई बात नहीं है। अवैध खनन रोके जाने पर यमुना खादर में पुलिस एवं माफियाओं के बीच संघर्ष लगातार हो रहे हैं। लेकिन कड़ी कार्रवाई न हो पाने के चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद है और खनन रुकने के बजाए और युद्ध स्तर पर शुरू हो जाता है।
अवैध खनन रोके जाने को लेकर यहां पर हर बार पुलिस और खनन माफियाओं में संघर्ष हो रहा है। जिले में खनन एवं खनिज के परिवहन पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा रोक लगाई गई है। बावजूद इसके यमुना नदी में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। अंधेरा होते ही हरियाणा एवं यूपी के खनन माफिया यमुना नदी में जेसीबी एवं पोकलेन मशीनों को उतार देते है। आधी रात के बाद खनिज का परिवहन भी बिना किसी रोक टोक के होता है। अवैध खनन में कई बार पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है।
पिछले दिनों कोतवाली बेहट में तैनात एक सिपाही प्रवीण कुमार ने अवैध खनन एवं खनिज के परिवहन कराने में पुलिस की मिलीभगत का खुलासा किया था। पिछले साल खुद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी यमुना नदी में जा कर अवैध खनन पकड़ा था। पुलिस कर्मियों की मिलीभगत के चलते ही माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। वर्ष 2017 में भी कई बार पुलिस पर हमले हो चुके है। एक बार तो थाना थाना मिर्जापुर क्षेत्र में यमुना नदी के कंढाई वाला घाट पर खनन माफियाओं ने तत्कालीन एसडीएम, सीओ एवं मिर्जापुर थाना पुलिस पर फायरिंग एवं पथराव कर दिया था, जिसमें एसडीएम बाल बाल बचे थे। इसी साल कोतवाली बेहट में तैनात तत्कालीन दरोगा अरुण कुमार और उनके सहयोगी पुलिसकर्मी को माफियाओं ने हमला कर मारपीट की थी।
जेसीबी सीज की गईं हैं
एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल का कहना है कि रात में अवैध खनन होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पर खनन कर रहीं चार मशीनों को पकड़कर सीज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।