चिलकाना (सहारनपुर)। मसखरा नदी में बाढ़ का पानी आने से खादर क्षेत्र में पानी फैल गया। पानी से धान, गन्ना तथा पापुलर की फसल खराब होने लगी है।
रविवार दोपहर बाद मसखरा नदी तथा गांगरो में अचानक से बाढ़ का पानी आ गया। नदी में आया बाढ़ का पानी गांव सुल्तानपुर, पाजबांगर, नल्हेड़ा, चिलकाना के खादर क्षेत्र में फैल गया। बाढ़ का पानी अब से पहले भी तीन बार खादर क्षेत्र में आ चुका है। बार-बार बाढ़ का पानी आने से खेतों में खड़ी धान, गन्ना, हरा चारा की फसल के साथ-साथ पापुलर के पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। धान की फसल तो बाढ़ के पानी के कारण सबसे ज्यादा खराब हुई है।
खादर क्षेत्र में बार-बार बाढ आने का कारण गांव धौलाहेड़ी के पास मसखरा नदी पर बना लोहे का पुल है। पुल जमीन की सतह केे बराबर है। नदी में बाढ़ का पानी आने से लोहे का पुल उस पानी को झेल नहीं पाता है। नदी का पानी नदी के किनारे तोड़कर खेतों में फैल जाता है, जिस कारण खादर क्षेत्र में बार-बार बाढ़ का पानी आता रहता है। क्षेत्र के किसान सुधीर जैन, प्रकाश चंद सैनी, राजकुमार, बोस जैन, सुरेश सैनी, हुकुम सैनी हाजी हुसैन, हाजी सलीम, सीताराम सैनी आदि ने जिला प्रशासन से मसखरा नदी पर बने लोहे के पुल को बंद कराकर दूसरा पुल बनाये जाने की मांग की है।