अधिकारियों ने किया काठा नदी का स्थलीय निरीक्षण
गंगोह। गंगोह और नकुड़ ब्लाकों के दर्जनों गांवों से होकर गुजरने वाली काठा नदी के पुनर्जीवित होने की संभावना बन गई है। विधायक प्रदीप चौधरी और भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष योगेश रोहिला द्वारा पिछले काफी समय से इसके लिए प्रयास किया जा रहा था। दिवंगत सांसद बाबु हुकुम सिंह भी अपने जीवनकाल में इसके लिए प्रयास करते रहे। सोमवार को सिंचाई मंत्री के निर्देश पर विभाग के एसडीओ ने नदी का स्थलीय निरीक्षण किया।
भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष योगेश रोहिला ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने गत वर्ष भारत सरकार में जल संसाधन नदी विकास व गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती से मिलकर काठा नदी को पुनर्जीवित कराने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग को आवश्यक निर्देश दिए थे। जिसके बाद नदी को पुनर्जीवित कराने के लिए सर्वे कार्य आरंभ कर दिया गया था। सर्वे करने के बाद एक बार फिर मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दिया तो उन्होंने 10 जनवरी को प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह को पत्र लिखकर उक्त नदी को पुनर्जीवित कराने की मांग की थी। बताया कि 2006 में सिंचाई विभाग ने जेसीबी लगाकर लाखों रुपया खर्च करके नदी के आरंभ से अंत तक सफाई कराई थी। साथ अतिक्रमण भी हटवाया गया था, परंतु पानी ना छोडे़ जाने पर अतिक्रमणकारियों ने पुन: नदी की भूमि पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 19 सितंबर को उन्होंने जिलाधिकारी से उक्त मांग की थी परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में रोष है। उक्त तथ्यों से अवगत कराते हुए नदी में जलापूर्ति कराकर इसे पुनर्जीवित करने की मांग की। जिसे गंभीरता से लेते हुए सिंचाई मंत्री ने प्रमुख सचिव सिंचाई को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सोमवार को सिंचाई विभाग के एसडीओ ने गांव हंगावली में काठा नदी नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श उपरांत कार्य आरंभ कराया जाएगा। अश्वनी कुमार, दिनेश कुमार, कुलवीर सिंह, परमाल सिंह, भागमल, गजेसिंह, सुमित कुमार आदि रहे।
इन गांवों को होगा सीधा लाभ
गंगोह। काठा नदी में पानी आने के बाद जनपद के नकुड़ ब्लाक के हरपाल, दौराला, रनियाला, लुन्ढा, माजरा, शंभुगढ, कपूरी, दैदपुरा, बमियाला और सिखेडा जबकि गंगोह ब्लाक के दैदनौर, शीतलपुर, ताताहेडी, जंधेडा, बडगांव, गुडछप्पर, पीरमाजरा, सांगाठेडा, महंगी, अकबरपुर, बालू, झाडवन, मोहम्मदपुर गुर्जर, मुरादखेडी और बहलोलपुर आदि गांवों को सीधा लाभ होगा। इसके साथ ही क्षेत्र के भूगर्भ जल स्तर में भी सुधार आएगा।