सहारनपुर। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हीपुर में पहुंचकर बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर उनको पढ़ाना शुरू कर दिया। गोद लिए इस गांव के विद्यालय में उन्होंने छात्र-छात्राओं को उनकी रुचित के अनुसार विषय पढ़ाए। कक्षा 6 व 7 के छात्र-छात्राओं को सामान्य ज्ञान की तैयारी कराई और कक्षा आठ की छात्राओं ने गणित व विज्ञान विषय पढ़ने में रुचि दिखाई।
मंडलायुक्त ने बच्चों से कहा कि कभी भी पढ़ाई में शार्टकट रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। शार्टकट से क्षणिक लाभ तो हो सकता है, लेकिन लंबी दूरी तक सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। कक्षा एक के बच्चों को पढ़ाने के लिए फर्श पर ही बैठकर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया। कई छोटे बच्चों ने मंडलायुक्त से कई सवाल किए जिनका उन्होंने उत्तर भी दिया। आयुक्त ने विद्यालय में बने मिड-डे मील का स्वाद भी बच्चों के बीच बैठकर लिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि मानक के अनुरूप मिड-डे मील मिलें। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व है कि वे बच्चों को शिक्षित करने के अलावा उनमें आपसी भाईचारा व सामाजिक सद्भाव की भावना भी जागृत करें।
इस विद्यालय से शिक्षित होने वाले छात्र व छात्राएं ऐसे संस्कारवान बनें, कि ब्लाक, तहसील, जनपद व प्रदेश में विद्यालय का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे प्राइमरी व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों का भी निरंतर प्रशिक्षण कराया जाए। मंडल के अधिकारी अपने-अपने जनपदों के दूर-दराज के विद्यालयों में अवश्य ही पहुंचकर सप्ताह में एक या दो विद्यालयों की शिक्षा के स्तर की गुणवत्ता परखें। इस अवसर पर सहायक अध्यापक शैफाली रस्तौगी, अनिता, कपिल व पिंकी शर्मा को और अधिक शैक्षिक वातावरण में पढ़ाए जाने के निर्देश दिए।