फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं की सीधी सरकारी खरीद ने तोड़ा 20 वर्षों का रिकार्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
गेहूं की सरकारी खरीद ने तोड़ा 20 वर्षों का रिकार्ड
विज्ञापन

सहारनपुर। जिले में गेहूं की सीधी सरकारी खरीद ने इस बार पिछले बीस वर्षों के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। गेहूं की बढ़िया गुणवत्ता और बंपर उत्पादन ने इसे संभव बनाया है। इस सीजन में 4 लाख 60 हजार क्विंटल गेहूं की सीधी सरकारी खरीद हुई है जबकि गत वर्ष खरीद का यह आंकड़ा 3 लाख 34 हजार 50 क्विंटल तक ही पहुंच पाया था।
प्रदेश सरकार किसानों को गेहूं का न्यूनतम भाव दिलाने के लिए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद कराती है। इसके अलावा किसान मंडी में आढ़तियों के यहां भी अपना गेहूं बेचते हैं। हालांकि प्रदेश सरकार कई बार सरकारी एजेंसियों के साथ ही आढ़तियों के माध्यम से भी गेहूं की सरकारी खरीद कराती है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रिंस चौधरी ने बताया कि कई साल बाद ऐसा हुआा है कि गेहूं उत्पादन के लिए मौसम अनुकूल रहा। इसके साथ ही किसान गुणवत्ता युक्त गेहूं पैदा कर पाए।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि सरकारी खरीद में अब तक सबसे बड़ी दिक्कत यही आती रही है कि किसानों की ओर से लाए जाने वाले गेहूं की गुणवत्ता बेहतर न होने के कारण उसे रिजेक्ट करना पड़ता था। इस बार यह हालात कम सामने आए। इसीलिए इस बार जिले में हुई गेहूं की सीधी सरकारी खरीद ने पिछले बीस वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। इस बार जनपद में 91 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा गया था। जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह का कहना है कि पिछले साल गेहूं का औसत उत्पादन 41 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और इस बार लगभग 43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा।
विज्ञापन

उधर, कृषि वैज्ञानिक डा. आईके कुशवाह का कहना है कि गेहूं खरीद में सरकारी लक्ष्य की प्रगति अपनी जगह है। लेकिन यह किसानों के लिए भी अच्छे संकेत रहे कि वे मौसम का पूरा फायदा उठाते हुए गुणवत्ता युक्त गेहूं पैदा कर पाए। इससे आम उपभोक्ताओं के पास भी अच्छा गेहूं उपलब्ध रहेगा।
-------------------------------------------
पिछले 20 वर्षो में हुई गेहूं की सीधी सरकारी खरीद मीट्रिक टन में
वर्ष गेहूं खरीद
1997-98 3516.00
1998-99 23167.00
1999-2000 8384.30
2000-01 8039.05
2001-02 22152.10
2002-03 42954.10
2003-04 14902.67
2004-05 22351.09
2005-06 11505.50
2006 -07 356.62
2007-08 2127.42
2008-09 13192.24
2009-10 40732.12
2010-11 15157.85
2011-12 13459.62
2012-13 42991.49
2013-14 16488.829
2014-15 13125.695
2015-16 33418.815
2016-17 33418.466
2017-18 460000.00
-----------------------------------------------------
जिला खाद्य विपणन विभाग के आंकड़ों के अनुसार
---------------------------------------------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें