स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत
सहारनपुर। स्वाइन फ्लू लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है। पिछले 18 दिन से देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती सहारनपुर के मरीज ने रविवार की रात दम तोड़ दिया। सोमवार को उसका शव सहारनपुर लाया गया। पिछले करीब एक सप्ताह में स्वाइन फ्लू से यह दूसरी मौत है।
दिल्ली रोड स्थित मवींकला निवासी 57 वर्षीय जिंदा हसन बीमार थे, जिनको आराम नहीं मिल पा रहा था। उनको एक निजी चिकित्सक को दिखाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें लेकर देहरादून लेकर पहुंचे थे, जहां उनको स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। वहां उनका 18 दिन से इलाज चल रहा था। रविवार की रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। ऐसे में उन्होंने दम तोड़ दिया। जिंदा हसन की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। सोमवार को उनका शव सहारनपुर लाया गया, जहां उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। इससे पहले नानौता की एक शिक्षिका ने भी स्वाइन फ्लू के चलते देहरादून में दम तोड़ा था। वर्तमान में भी सहारनपुर में स्वाइन फ्लू के कई मरीज हैं, जिनका इलाज देहरादून और मेरठ में चल रहा है।
मरीज न आने से स्वाइन फ्लू और डेंगू वार्ड पर लटके ताले
सहारनपुर। जनपद में डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू के खतरे ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ाई हुई है। जिला अस्पताल में डेंगू और स्वाइन फ्लू के लिए अलग-अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। मगर हैरत की बात यह है कि अभी तक कोई भी मरीज इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल नहीं पहुंचा है। आलम यह है कि दोनों वार्डों पर ताले लटके हुए हैं।
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए आईसीयू में दस बेड का वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आने की वजह से स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए भी मेन बिल्डिंग में उमरी मंजिल पर सात बेड का वार्ड बनाया गया है। अमर उजाला की टीम सोमवार को वार्डों की पड़ताल करने पहुंची, तो दोनों वार्डों पर ताले लटके नजर आए। कर्मचारियों ने बताया कि इलाज के लिए मरीज न आने की वजह से वार्डों को बंद किया गया है। हमें स्वाइन फ्लू का वार्ड खोलकर भी दिखाया गया, जिसमें सात बेड तैयार किए गए हैं। इलाज के लिए पूरी किट तैयार मिली। इसके अलावा ऑक्सीजन आदि के सिलेंडर तैयार मिले। उधर, अभी तक सामने आए डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीज या तो स्थानीय निजी चिकित्सकों के पास इलाज करा रहे हैं या फिर गंभीर मरीज देहरादून और मेरठ का रुख कर रहे हैं। स्वाइन फ्लू से अभी तक दो मौतें हुई हैं। दोनों ही देहरादून में भर्ती थे।
-------------------------------------
हमने डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए हैं। हमारे पास दोनों बीमारियों से निपटने के लिए दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। रही बात वार्ड को बंद रखने की तो इसकी वजह वार्डों में रखी किट और अन्य कीमती सामान है। चाबी ऑन ड्यूटी स्टाफ के पास रहती है, जो मरीज के पहुंचने पर तुरंत ताला खोल सकते हैं।
डॉ. सत्य सिंह, सीएमएस।