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निजी आईटीआई विरोधी फैसले के विरोध में धरना-प्रदर्शन

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निजी आईटीआई विरोधी फैसले के विरोध में धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। उप्र प्राइवेट आईटीआई मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण को दिया गया। संयुक्त निदेशक कार्यालय पर सांकेतिक धरने को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार आईटीआई के उत्थान हेतु वर्ल्ड बैंक से प्राप्त धनराशि को कुछ औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर बंदरबांट करना चाहती है। इसलिए केंद्र सरकार की मंशा नित नए कानून बनाकर निजी आईटीआई को बंद करने की है। जिसका संगठन पुरजोर विरोध करेगा। यदि सरकार नहीं जागी तो अपनी अपनी आईटीआई में तालाबंदी कर सड़कों पर उतरकर सरकार के विरुद्घ विरोध प्रदर्शन करेंगे। डीजीईटी को पहले सरकारी आईटीआई की जांच कर उनके मानक पूरे करने चाहिए। उसके बाद प्राइवेट आईटीआई की जांच करनी चाहिए।
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मंडल महामंत्री कुलदीप सिंह ने कहा कि संस्थानों ने डीजीटी से सभी मानक पूर्ण करके मान्यता ली है। बिना किसी सरकारी सहायता के निजी स्त्रोतों द्वारा ग्रामीण परिवेश में बच्चों को तकनीकी शिक्षा प्रदान कर उन्हें कुशल बना रहे हैं। सरकार को चाहिए कि हमें माध्यमिक शिक्षा विभाग की तर्ज पर अनुदान दें। लेकिन सरकार शोषण कर आईटीआई को बंद करना चाहती है। जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश में जौनपुर, मथुरा, इलाहाबाद, आगरा, वाराणसी के सभी निजी आइटीआई संचालक अपनी आइटीआई में तालाबंदी कर सरकार के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैँ। कहा कि सरकार ने अपने फैसले में बदलाव नहीं किया तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर राजीव रोहिला, पंकज गर्ग, मनोज कुमार, अश्वनी जैन, वीके सिंह, मनोज चौधरी, अनिल सैनी, संजय गुप्ता, नजम उस्मानी, सोनवीर सिंह, विजय शंकर शर्म, अजय, पवन राठौर, विरेंद्र सिंह, विक्रांत सैनी, पंकज सैनी, रमन भारती आदि मौजूद रहे।
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