सहारनपुर। एक तरफ लोग गलत तरीके से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ लेने की जुगत में लगे हैं। वहीं दूसरी ओर लाखों लोग पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनपद में कुल पात्र 685550(छह लाख पिचासी हजार पांच सौ पचास) हैं, जबकि मात्र 134346(एक लाख चौंतीस हजार तीन सौ छियालिस) लोगों ही ने अभी तक गोल्डन कार्ड बनवाए हैं।
आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 सितंबर 2018 को लागू हुई थी। जनपद में एक लाख 37 हजार 110 परिवार योजना में शामिल हैं, जिनके सदस्यों की संख्या 685550 है। योजना के तहत सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त है। मगर जनपद में 80.4 फीसदी लोग योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि अभी तक 551204 लोगों ने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाए हैं। परिवारों की बात करें तो 63.60 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जिनमें से एक भी सदस्य ने अपना गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है। यह स्थिति तब है, जबकि सभी परिवारों के पास योजना की चिट्ठी करीब दो साल पहले पहुंचा दी गई थी। कार्ड बनवाने की सुविधा भी जगह-जगह मुफ्त है। कार्ड बनाने के मामले में सहारनपुर प्रदेश में 12वें स्थान पर है।
यहां बनते हैं गोल्डन कार्ड
जनपद में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज और सभी 21 सीएचसी पर गोल्डन कार्ड मुफ्त बनाए जाते हैं, जिसके लिए अलग से काउंटर बने हैं। इनके अलावा जनसेवा केंद्रों पर 30 रुपये देकर गोल्डन कार्ड बनवाए जा सकते हैं।
गोल्डन कार्ड बनवाने में लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। गोल्डन कार्ड फ्री में बनाने की सुविधा मिलने के साथ ही कई बार शिविर भी लगाए गए हैं। ज्यादातर लोग तभी गोल्डन कार्ड बनवाने आते हैं, जब उन्हें जरूरत होती है इलाज कराना होता है।
डॉ. सुशील गुप्ता, जिला कार्यक्रम समन्वयक।