सहारनपुर। अत्यंत कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार लाने के लिए चलाई गई योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। ऐसे बच्चों के परिवारों को सरकारी गोशाला से दुधारू गाय दी जानी है। जिले में 4454 अत्यंत कुपोषित बच्चे हैं और 16 सरकारी गोशाला हैं। इनमें 6035 गोवंश हैं, लेकिन मात्र एक ही दुधारू गाय हैं।
दरअसल, शासन ने सरकारी गोशालाओं से अत्यंत कुपोषित बच्चों के परिवार को दुधारू गाय देने की योजना संचालित की है। ताकि गाय का दूध पीकर अत्यंत कुपोषित बच्चों स्वस्थ हो सकें, लेकिन जनपद में यह योजना सफल नहीं हो पा रही है। क्याेंकि, इस वर्ष भी हुए सर्वे में नगर निगम व विकासखंड स्तर पर बनी 16 सरकारी गोशालाओं में मात्र एक ही दुधारू गाय मिली है। ऐसे में अत्यंत कुपोषित बच्चों के परिवारों को कैसे दुधारू गाय मिले।
पूर्व में दी थी 12 गाय, मिलता है अनुदान
पिछले वर्ष हुए सर्वे में 3876 अत्यंत कुपोषित मिले थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 12 परिवारों को ही गाय दी गई। क्योंकि, तब भी गोशालाओं में मात्र 12 ही दुधारू गाय मिली थी। इन परिवारों को शासन की ओर से गाय चारे के लिए प्रतिमाह 1500 रुपये दिए जाते हैं।
एक नजर कुपोषित व अत्यंत कुपोषित बच्चों की संख्या पर
वर्षकुपोषित अति कुपोषित बच्चों की संख्या
20184186912547
2019338256910
202021424 5828
202121254-1722
202214532-3876
202317896-4454
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वर्जन:-
दुधारू गाय अत्यंत कुपोषित बच्चों के परिवारों को पूर्व में दी गई है। विभाग का प्रयास है कि जो भी दुधारू गाय गोशाला में आए, उसको कुपोषित बच्चों के परिवार को दी जाए।
-एमपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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वर्जन:-
अत्यंत कुपोषित बच्चों की सूची पशु पालन विभाग दी गई है। ताकि इन बच्चों के परिवारों को दुधारू गाय मिल सके।
-नंदलाल प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी