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पाकिस्तान को सद्बुद्धि की दुआ के साथ हजरत कुतबे आलम का उर्स संपन्न

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पाकिस्तान को सद्बुद्धि की दुआ के साथ हजरत कुतबे आलम का उर्स संपन्न
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गंगोह (सहारनपुर)। सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक हजरत कुतबे आलम का 495वां उर्स मुल्क के अमनो अमान, पाकिस्तान को सद्बुद्धि और आतंकवाद के खात्मे की विशेष दुआ के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान जायरीनों को आबे तौशा और तबर्रुक वितरित किया गया। सलातो सलाम के साथ नम आंखों से जायरीनों को विदाई दी गई।
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रविवार सवेरे सलातो सलाम के साथ सज्जादानशीं शाह महताब आलम और परिजनों ने एक दूसरे के गले मिलकर तोरा मेला बिछु़डा जाये, अब की बरस तू जल्दी आयो गाते हुए नम आंखों से जायरीनों को विदाई दी। उन्हें आबे तौशा, तस्बीह और तबर्रूक प्रदान किया गया। इससे पूर्व शनिवार रात में जुलूस चादर शरीफ सरकारी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में शामिल मेहमान सज्जादानशीं दरवेश औलिया, पीर फकीर और जायरीनों ने शिरकत की। सज्जादानशीं शाह मेहताब आलम के जेरे कयादत हजरत कुतबे आलम की पाक दरगाह में जाकर उनकी मजार पर चादर चढ़ाई और फूल पेशगी एवं चिरागा रोशन की गई। सभी ने मिलकर दुनिया में सांप्रदायिक सौहार्द, अमनो अमान, तरक्की एवं खुशहाली के साथ ही पाकिस्तान को सद्बुद्धि देने और आतंकवाद के खात्मे की दुआं मांगी। रात में कुल शरीफ के बाद देर रात तक कव्वालियां का सिलसिला जारी रहा। नायब सज्जादानशीं मख्दुमअली कुद्दुसी, शादाब जहां, हकीम शाह जफर कुद्दूसी, आशिम कुद्दुसी, सलीम कुद्दुसी, शाह मुद्दसिर सहित अनेक लोग मौजूद रहे। उधर, मरहूम सज्जादानशीं शाह कुरैश के आवास पर भी शनिवार रात कव्वालियों का सिलसिला चला और लंगर का आयोजन किया गया। इसके अलावा हजरत मामू मौलाबख्श के सज्जादानशीं इरशाद रब्बानी ने भी दुआ कराई और तबर्रुक वितरण किया।
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