अमन चैन की दुआ के साथ संपन्न हुआ इज्तिमा
चिलकाना (सहारनपुर)। दो दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा मुल्क में अमन शांति की दुआ के साथ संपन्न हुआ। समापन के बाद देश एवं विदेशों में जाने वाली जमातें भी अपने-अपने निर्धारित स्थानों के लिए रवाना हो गई हैं।
बुधवार को इज्तिमा के दूसरे दिन सुबह से लोगों की भीड़ इज्तिामगाह में पहुंचने लगी थी। दुआ के निर्धारित समय तक कार्यक्रम स्थल पूरी तरह भर गया था तथा आसपास की जगह भी पूरी तरह से भर गई थीं। दुआ से पहले इज्तिमा को संबोधित करते हुए सीतापुर से आए मौलाना शौकत ने कहा कि आज का मुसलमान नमाज और दीन के कामों से पिछड़ रहा है। इसलिए जमातों में जाने वाले हर जमाती का फर्ज है कि वह हर बस्ती और मोहल्ले में मुस्लिम समाज के लोगों को मस्जिद तक पहुंचाकर नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि खुदा ने मुसलमानों को केवल अपने दीन के प्रचार-प्रसार के लिए पैदा किया था। मगर आज मुसलमान मोबाइल जैसी चीजों के पीछे भागकर जन्नत को जाने वाली राहों में बाधा पैदा कर रहा है।
हजरत निजामुदीन दिल्ली मरकज से आए मौलाना हयातुल्ला आजमगढ़ी ने कहा कि जमातों में दीन का प्रचार-प्रसार करने वाले लोग भी बहते हुए उस दरिया की तरह है जो खुद कंकड़ मिट्टी में बहकर लोगों को शुद्ध पानी देता है। इसी प्रकार जमात में जाने वाला व्यक्ति भी परेशानियां उठाकर दूसरों को दीन के रास्ते पर चलाता है।
दो दिन तक चले इज्तिमा का समापन मौलाना शौकत ने देश और दुनिया में अमन चैन और आपसी सद्भाव की दुआ के साथ कराया। इज्तिमागाह से पूरे भारत के भ्रमण पर जाने वाली लगभग 300 जमातें रवाना की र्गइं, जिनमें विदेश में दीन का प्रचार-प्रसार करने के लिए महिलाएं एवं पुरूषों की संयुक्त जमातें भी थीं जो थाईलैंड, बांग्लादेश, अफ्रीका, ताशकंद जाने के लिए रवाना हो र्गइं।
इज्तिमा के आयोजन में हाजी ओसाफ, मौलाना किफायतुल्ला, मौलाना सनव्वर, हाफिज रोहिल, मौलाना गय्यूर आलम मजाहिरी, मुफ्ती आरिफ, मौलाना गुलजार मजाहिरी, मुफ्ती इमरान, मौलाना मुआवज, अहतेशाम उल हक, हाजी सलीम, महमूद हसन, मोहम्मद नाजिम, हाजी वकील, आजम मिर्जा, हाजी शमशाद, हाफिज वहीद, चेयरमैन अकबर कुरैशी, मोहम्मद उस्मान आदि का सहयोग रहा। डेढ़ लाख से अधिक लोगों की भीड़ के साथ संपन्न हुए इज्तिमा में जनपद के विभिन्न हिस्सों से आए 120 जोड़ों का निकाह कराया गया और लाखों लोगों के खाने की व्यवस्था भी की गई। यह व्यवस्था क्षेत्रीय एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा की गई।