सहारनपुर। उद्यान विशेषज्ञों ने बागवानों को बढ़ती ठंड के चलते पड़ने वाले कोहरे और पाले से बागों को बचाने के टिप्स दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पाले से बचाने के उपाय नहीं किए गए तो बागों को काफी नुकसान झेलना पडे़गा।
कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने बताया कि जनपद में आम एवं लीची से लेकर अमरूद तक के बाग बडे़ रकबे में हैं। ठंड के मौसम में तापमान गिरने से कोहरे और पाले का प्रकोप हो रहा है। पाले और कोहरे के प्रकोप से पौधों को खासा नुकसान झेलना पड़ता है। बड़ पेड़ों की अपेक्षा छोटे पौधे इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं। सर्दियों में अधिक तापमान गिरने से पौधों की कोशिकाओं का पानी बर्फ में तब्दील हो जाता है। जो पौधों के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है। उन्होंने बताया कि पाले से बचाव के लिए पांच वर्ष से कम आयु के पौधों को घास फूंस या सफेद पारदर्शी पॉलीथिन या फिर जूट की चादर से इस प्रकार ढकना चाहिए जिससे सूर्य की रोशनी और हवा मिलती रहे। अधिक कोहरे और पाला पड़ने वाले दिनों में नियमित हल्की सिंचाई फायदेमंद रहती है। इसके अलावा इन दिनों में बागों की जुताई से भी परहेज रखना चाहिए।