सहारनपुर। शहर में दशलक्षण पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर जैन मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिनमें बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। एक कार्यक्रम में पंडित नेमचंद जैन ने कहा कि परिग्रह के अभाव स्वरूप आकिचंन धर्म प्रगट होता है।
जैन मिलन वीतराग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या व नाटिका का शुभारंभ संदीप जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उत्तम त्याग पर धार्मिक नाटिका दिखाई गई। इसमें जैन मुनि के नियम का पालन करने पर राजा की मृत्यु टल गई। इसके साथ ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए गए। इस दौरान भावना जैन, निधी जैन, मनीषा जैन, सीमा जैन, प्रिया जैन, सेेनिया जैन, पूनम, मोनिका, प्रियंका, पारूल, चेतना, तन्नु, मन्नु मौजूद रहे। उधर, श्री दिगंबर जैन मंदिर किरपी बाइजी मोहल्ला जाटवान में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक किया गया। शांतिधारा करने का सौभाग्य अरुण जैन को मिला। तत्पश्चात नित्य नियम पूजा एवं दशलक्षण पर्व पर उत्तम आकिंचन धर्म की विशेष पूजा की गई। जैन पाठशालाओं के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। पाखंड़ी बाबा और रुपया-पैसा नाटक की प्रस्तुति देकर बच्चों ने सबका मनमोह लिया। बच्चों को रवि प्रकाश जैन, अरुण जैन, राजीव जैन, अनिल जैन ने पुरस्कार दिए। इस दौरान अंकुर जैन, रतन जैन, अनिल जैन, राजीव जैन, विपुल जैन, शशी जैन, प्रीति जैन, सारिका जैन, वीना जैन, सुनीता जैन, रूचि जैन, प्रेरणा जैन, रजनी जैन, दीप्ति जैन, गीता जैन मौजूद रहे।
वहीं, अखिल भारतीय युवा फेडरेशन के तत्वावधान में श्री दिगंबर जैन 24 तीर्थंकर तीर्थंकर जिनालय महावीर कॉलोनी में प्रतिदिन खतौली से आए अध्यात्म के सुप्रसिद्घ वक्ता पंडित नेमचंद जैन व जयपुर से युवा विद्वान सचिन जैन के निर्देशन में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पंडित नेमचंद जैन ने कहा कि परिग्रह के कारण ही आज इंसान दुखी है। सब कुछ होने पर भी मनुष्य को संतोष नहीं है। इस दौरान अध्यक्ष मुकेश जैन, राजीव जैन, संस्थापक डा. जेडी जैन, प्रमोद जैन, राजकुमार जैन, संदीप जैन, सुनील जैन, आदीश जैन, अमरीश जैन, पंकज जैन, राममोहन जैन, आदर्श जैन आदि मौजूद रहे।