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खनन सामग्री नहीं मिलने से रेलवे के काम पर ब्रेक

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खनन सामग्री नहीं मिलने से रेलवे के काम पर ब्रेक
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सहारनपुर। खनन सामग्री नहीं मिलने के कारण रेलवे के कार्यों पर ब्रेक लगने लगा है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के काम प्रभावित हो गए हैं और भविष्य में होने वाले टेंडर को भी रेलवे खनन पर रोक तक टालने की रणनीति बना रहा है। फिलहाल करीब सहारनपुर से जुड़े 30 प्रोजेक्ट पर काम पूरी तरह ठप हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण मेरठ-सहारनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण और टपरी-शामली मार्ग पर चल रहा कार्य भी नहीं हो रहा है। रेलवे की ओर से प्रशासन से खनन सामग्री रोक की रिपोर्ट मांगी गई है और उसी आधार पर रेल मंत्रालय को खनन सामग्री उपलब्ध नहीं होने तक नए टेंडर नहीं करने के लिए पत्र लिखा गया है।
दरअसल, अवैध खनन की शिकायतों के चलते दिसंबर 2016 से एनजीटी ने सहारनपुर में खनन पर पूरी रोक लगा रखी है। बावजूद इसके सरकारी कामों में खनन सामग्री मुहैया हो रही थी। मगर, न्यायालय के आदेश के बाद अवैध खनन की जांच सीबीआई टीम करने यहां पहुंची तो अवैध खनन पर प्रशासन ने सख्ती कर पूरी तरह से रोक लगा दी। नई नीति बनने के बाद भी एनजीटी पर रोक के चलते सहारनपुर में खनन को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। यही कारण है कि अब रेलवे के कामों में खनन सामग्री की अनुपलब्धता के चलते विकास कार्यों पर रोक लगने लगा है। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि अंबाला मंडल के करीब 30 कामों पर पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है। इसके अलावा सहारनपुर में चल रही बड़ी परियोजनाओं में सहारनपुर-मुजफ्फरनगर रेल लाइन दोहरीकरण, टपरी-शामली रेल लाइन दोहरीकरण सहित कुछ और काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
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प्रशासन की रिपोर्ट भेजी जाएगी मंत्रालय
रेल अफसरों ने खनन अधिकारी को पत्र लिखकर खनन पर रोक के आदेश की प्रति मांगी है। रेल अधिकारियों का कहना है कि इसी को आधार बनाकर उच्चाधिकारियों से भविष्य में खनन पर रोक हटने तक किसी तरह का टेँडर नहीं करने को कहा जाएगा। कारण, पहले से ही काम रुके हुए हैं तो आगे काम होने का सवाल नहीं उठता है।
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रेलवे की ओर से खनन बंद होने के आदेश की प्रति मांगी गई है। उनका कहना है कि खनन सामग्री नहीं मिलने से रेलवे के करीब 30 काम प्रभावित हैं। उन्हें नियमानुसार आदेश की प्रति मुहैया कराई जा रही है।
पीके सिंह, खनन अधिकारी
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