फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: 397 गांव अति संवेदनशील की श्रेणी में, हर व्यक्ति की होगी जांच

Thu, 23 Apr 2026 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। जिले में 397 गांव अति संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं, जिसमें आशंका जताई गई है कि यहां पर टीबी मरीजों की संख्या अधिक मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग के निक्षय पोर्टल के आधार पर शासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इन गांवों की सूची तैयार की, जिसके बाद वह स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इन गांवों में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग, एक्सरे और बलगम जांच कराई जाए। एक्सरे केवल 14 साल से ऊपर के लोगों का होगा। जिला क्षय रोग विभाग की तरफ से इन गांवों में टीम भेजकर जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन

इस वजह से अति संवेदनशील श्रेणी में गांव
जिले में टीबी के करीब 6500 मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। क्षय रोग विभाग मरीजों की रिपोर्ट निक्षय पोर्टल पर अपलोड करता है। इस पोर्टल पर आने वाली रिपोर्ट का शासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आकलन किया। इसी से 397 ऐसे गांवों को चिह्नित किया, जो अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। इनमें टीबी के मामले अधिक होने की पुष्टि हुई। शासन ने तहसीलवार सूची बनाकर विभाग को भेजी गई।
इसके बाद विभाग की तरफ से गांवों में जाकर हैंडहेल्ड मशीन से संदिग्ध टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग, एक्सरे और बलगम का नमूना लेकर जांच शुरू कर दी गई है। अब तक करीब 130 गांवों में शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 600 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। इनका इलाज शुरू कर दिया है। 14 साल से कम उम्र वालों का एक्सरे नहीं होगा। गंभीर लक्षण दिखाई दिए, तभी एक्सरे कराया जाएगा। जांच के दायरे में 60 साल तक के व्यक्ति, धूम्रपान, शराब सेवन करने वाले, शुगर ग्रसित, कुपोषित, कारागार में निरुद्ध बंदी, वृद्धाश्रम आदि रखे गए हैं।
विज्ञापन

-
यह हैं हाई रिस्क वाले गांव
देवबंद, रणखंडी, जड़ौदा जट्ट, मानकी, मिरगपुर, गोपाली, भायला कलां, सापला खत्री, राजूपुर, खजूरवाला, बन्हेड़ा खास, तल्हेड़ी बुजुर्ग, बढेड़ी कौली, चंदेना कौली, नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा मुस्त, पड़ौली, खेड़ा मुगल, मदासपुर उर्फ नागल खां, मीरपुर मोहनपुर, नकुड़, खेड़ा अफगान, शेखपुरा कदीम, उमाही, भलस्वा ईसापुर, हसनपुर भलस्वा मुस्त आदि गांव अति संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं।

हर दिन पांच गांवों में लग रहे शिविर
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन से अति संवेदनशील श्रेणी वाले 397 गांवों की सूची भेजी है। इसके तहत प्रतिदिन पांच गांवों में जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 26 केंद्रों पर जांच की सुविधा भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें