सहारनपुर। युवाओं के कौशल विकास के लिए शुरू हुए कौशल विकास मिशन पर कोरोना काल ने ग्रहण लगा दिया। अप्रैल माह से प्रशिक्षण नहीं हो पा रहा है, जबकि उससे पहले तक दो साल में 3231 युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया और 2778 को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर रोजगार भी मिला। अब फिर से प्रशिक्षण कब शुरू होगा, इस पर संशय बना हुआ है।
दरअसल, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के तहत 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अल्प शिक्षित युवाओं को रोजगार परक अल्पकालीन प्रशिक्षण दिलाया जाता है। ताकि वह रोजगार/स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में 32 सेक्टरों के 709 कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जनपद सहारनपुर में 10 कोर्स में प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इनमें आईसीटी, गारमेंट मेकिंग, टूरिजम एंड हॉस्पेलिटी, कंस्ट्रक्सन, इलेक्ट्रिकल, ऑटोमोटिव, फेब्रीकॉन, ब्यूटी कल्चर, हेल्थ केयर आदि शामिल हैं। इन कोर्स का प्रशिक्षण अप्रैल 2019 तक चला, इसी दौरान कोरोना संक्रमण तेजी से फैल गया और युवाओं को प्रशिक्षण से वंचित रहना पड़ रहा है। हालांकि बीते दो वर्ष में जिन युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, उन्हें रोजगार भी मिले। वर्ष 2019 में प्रीति और निधि गौतम ने हेल्थ केयर सेक्टर में प्रशिक्षण प्राप्त किया, इसके बाद से वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रही हैं।
मिशन के तहत तैयार हो रहे कोरोना योद्धा
प्रधानमंत्री कौशल सुधार योजना में ही हेल्थकेयर सेक्टर ट्रेनिंग फोर कोविड-19 के तहत छह विषय में कोरोना योद्धा तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें देवबंद स्थित संस्थान में एक महीने का सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 22 जुलाई को पूरा होगा। इसके बाद दो माह का ऑन जॉब प्रशिक्षण पीएचसी, सीएचसी और अन्य सरकारी अस्पतालों में दिया जाएगा। तब यह प्रशिक्षण पाने वाले युवा अस्पतालों में काम करने के लिए तैयार हो जाएंगे।
वर्जन
बीते दो वर्ष में 3231 युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया। इनमें से 2778 को रोजगार दिलाने का दावा किया जाता है। कोरोना के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम टल गए हैं, सिर्फ हेल्थकेयर सेक्टर ट्रेनिंग के तहत सैद्धांतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। - पवन सिंह, जिला प्रबंधक, कौशल विकास मिशन