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गुर्जर युवकों पर एससीएसटी एक्ट पर सर्व समाज की पंचायत में उबाल

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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। छात्राओं से छेड़खानी के मामले में छेड़खानी करने वाले पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष पर एससी एसटी के तहत रिपोर्ट दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके विरोध में रविवार को गांव नौरंगपुर में सर्व समाज पंचायत हुई। इसमें महाकाल ग्रुप, बजरंग दल, अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, गुर्जर कोर टीम के पदाधिकारियों ने पंचायत के हिस्सा लेकर अपना समर्थन दिए जाने का एलान किया।
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एक सितंबर को सुबह के समय एक इंटर कालेज की छात्राएं जब अपने गांव से साइकिल द्वारा कालेज आ रही थी तो बाईपास मार्ग पर दलित समाज के युवकों ने छात्राओं ने छेड़खानी की थी। इसे लेकर गुर्जर व दलित समाज के युवकों में संघर्ष हो गया था। इसमें दोनों पक्षों की तरफ से युवक घायल हुए थे। दलित पक्ष की तरफ से गुर्जर समाज के चार युवकों पर एससीएसटी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जबकि छात्राओं की तरफ से भी चार दलित युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस द्वारा एससीएसटी के तहत दर्ज की गई रिपोर्ट को लेकर गुर्जर समाज में पुलिस के प्रति रोष है। इसे लेकर तीसरी बार गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें महाकाल ग्रुप, बजरंग दल, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, गुर्जर कोर टीम के पदाधिकारियों ने समर्थन का एलान किया।
महाकाल ग्रुप से विपिन चौधरी, बजरंग दल से अभिषेक पंडित, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अनुज शर्मा, गुर्जर कोर टीम के रोहित झरौली ने समर्थन का एलान करते हुए कहा कि वह गुर्जर समाज की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि मामला छात्राओं से छेड़खानी के बाद मारपीट का था जिस पर पुलिस ने बिना जांच किए गुर्जर समाज के युवकों पर एससीएसटी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उत्पीड़न का काम किया है।
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पंचायत में पहुंचे पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी मुकेश ने कहा कि जिस प्रकार से पुलिस ने एक पक्षीय कार्यवाही की है यह उत्पीड़न है। पंचायत में निर्णय लिया गया है 11 सितंबर को अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में गुर्जर समाज व अन्य संगठन के कार्यकर्ता डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। 11 सितंबर को मुख्यमंत्री के सहारनपुर आगमन पर उन्हें काले झंडे दिखाने की चर्चा भी की गई। हालांकि पदाधिकारी इस पर बोलने से कतराते रहे।
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