सहारनपुर। जनपद में धान खरीद अभी तक भी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। जिले के 26 सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक 31.56 मीट्रिक टन धान खरीद हुई है, जबकि सहारनपुर मंडी में करीब 190 क्विंटल ही धान खरीदा जा सका है। हालांकि लक्ष्य 13500 मीट्रिक टन धान खरीद का है। जनपद में धान का क्षेत्रफल लगभग 58 हजार हैक्टेयर है। इसमें से 48 हजार बासमती और लगभग 10 हजार हेक्टेयर में सामान्य एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान की खेती है।
किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार धान की सरकारी खरीद कराती है। इसमें सिर्फ सामान्य एवं ग्रेड-ए धान की ही सरकारी खरीद होती है, जबकि बासमती धान को किसान मंडियों में आढ़ती के माध्यम से बेचते हैं। सरकारी खरीद के लिए जिले में 26 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने सामान्य प्रजाति के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2203 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। एक अक्तूबर से शुरू हुए खरीद सीजन में अब तक मात्र आठ किसानों से ही सरकारी क्रय केंद्रों पर 31.56 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है।
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मंडी में सिर्फ 190 क्विंटल आवक
सहारनपुर मंडी में अब तक सामान्य एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान की आवक सिर्फ 190 क्विंटल ही हुई है, जबकि गंगोह मंडी में अब तक इन प्रजातियों की धान खरीद का खाता भी नहीं खुला है। गंगोह मंडी के प्रभारी सचिव अवनीश कुमार ने बताया कि बासमती धान की खरीद तो खूब हो रही है, लेकिन अब तक सामान्य एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान की अभी तक आवक नही हुई है। सहारनपुर मंडी के वरिष्ठ निरीक्षक जगपाल सैनी ने बताया कि मंडी में सामान्य एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान की आवक करीब 190 क्विंटल ही हुई है। मंडी मेंं इस श्रेणी की धान का औसत भाव 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है।
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वर्जन
जनपद में सभी 26 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की तमाम व्यवस्थाएं चॉक चौबंद हैं। जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए 641 किसानों ने पंजीकरण करा रखा है। इनमें से अब तक सिर्फ आठ किसान ही अपना धान बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर आए हैं। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की उम्मीद है।
- आरपी पटेल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी