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स्वयं में परिवर्तन लाने से दूर होंगी परेशानियां

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सहारनपुर। श्री 108 स्वामी रामानंद सरस्वती महाराज (नकुड़ वाले बाबा) की 16 वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में चल रहे पांच दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन पूज्य देवी जी ने प्रवचन में कहा कि सांसारिक सुविधाओं की तरह यदि मनुष्य स्वयं में भी बदलाव करे, तो परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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पंत विहार स्थित सत्संग भवन में श्री सरस्वती युवा संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूज्य देवी जी ने कहा कि हर इंसान समय समय पर अपना घर बदलता है, वस्त्र बदलता है, मित्र बदलता है और भोजन भी बदलता है, लेकिन स्वयं में बदलाव नहीं करता। यदि अपने जीवन में परिवर्तन लाया जाए, तो दूसरों को बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि रामायण ग्रंथ में भाई भाई के बीच प्रेम और त्याग की कहानी है, जबकि महाभारत में भाई भाई के बीच ईर्ष्या और द्वेष की कहानी है। भगवान के प्रति प्रेम उस तरह मांगे, जिस तरह राजा दशरथ का प्रेम सत्य प्रेम, राजा जनक का प्रेम गूढ़ प्रेम, भरत का अगम प्रेम और लक्ष्मण का अनन्य प्रेम है। इस जीवन में हम कौन सा प्रेम करें, जिससे प्रभु के दर्शन हो जाएं। कार्यक्रम में देहरादून, मुजफ्फरनगर, लाडवा, दिल्ली, हरिद्वार, चंडीगढ़, सूरत और सरसावा से श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान राजीव कालिया, संजीव जसूजा, सुधीर मिगलानी, अशोक मक्कड़, राजेंद्र खुराना, राजू कालरा, प्रवीण वाधवा, गौतम चांदना आदि मौजूद रहे।
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