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उत्पीड़न जारी रहा तो सड़कों पर उतरेंगे व्यापारी

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सहारनपुर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी शुक्रवार को नगरायुक्त और महापौर से मिले। उन्होंने पुल खुमरान पर दुकानें तोड़े जाने, ध्वस्तीकरण के लिए फड़ों को चिह्नित करने तथा घंटाघर से कोर्ट रोड ओवरब्रिज तक सड़क और नाला निर्माण में शिथिलता बरते जाने पर नाराजगी व्यक्त की। नगर में व्यापारियों का उत्पीड़न जारी रहने पर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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नगरायुक्त गौरव वर्मा और महापौर संजीव वालिया से मुलाकात के दौरान जिलाध्यक्ष विमल विरमानी ने पुल खुमरान पर दुकानें तोड़े जाने का मामला उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई बताया। आरोप लगाया कि प्रशासन और नगर निगम सड़कों पर लगने वाली रेहड़ियों, सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर और विद्युत पोल को हटाने के लिए कतई गंभीर नहीं है। ज्यादातर पुलिस चौकियां और थाने सड़कों पर बने हैं, जिनको हटाने के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। घंटाघर से कोर्ट रोड ओवरब्रिज तक नाले और सड़क का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है, जिसकी वजह से व्यापारियों का रोजगार ठप पड़ा है। महानगर अध्यक्ष प्रेमसागर ग्रोवर और जिलामंत्री अनित गर्ग ने कई गुना बढ़े हाउस टैक्स और नाम परिवर्तन के लिए दिए जाने वाले शुल्क में की गई वृद्धि की निंदा की। आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी मनमाने तरीके से शुल्क और टैक्स बढ़ाकर आम आदमी का उत्पीड़न कर रहे हैं। हर्ष डाबर, सरदार गुरमेहर सिंह, रमन वर्मा और विनीत विरमानी ने ध्वस्तीकरण के लिए पांवधोई पर बने फड़े चिह्नित करने की निंदा की। मिलने वालों में सुबोध भाटिया, मनोज गर्ग, राजेश पाहवा, आशुतोष, रजत, अक्षय, कुलविंदर, गोविंद, सुमित आदि शामिल रहे।
नगरायुक्त और महापौर से मिले फड़ स्वामी
सहारनपुर। नगर निगम ने पांवधोई नदी पर बने 74 फड़ों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया है। इसे लेकर फड़ स्वामियों में भय का माहौल है। वे शुक्रवार को महापौर संजीव वालिया के निवास पर महापौर और नगरायुक्त से मिले। बताया कि वह वर्षों से फड़ लगाकर अपने परिवारों का पालन पोषण कर रहे हैं, मगर नगर निगम अब अतिक्रमण के नाम पर उनके फड़ हटाने की तैयारी कर रहा है। यदि ऐसा होता है तो उनके सामने परिवारों का पेट पालने की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने फड़ों को बचाने की मांग महापौर से की।
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